जींद, 11 अगस्त: जिलेभर में मंगलवार को सावन माह का शिवरात्रि पर्व बहुत धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शहर के ऐतिहासिक जयंती देवी मंदिर, प्राचीन भूतेश्वर मंदिर, नव दुर्गा मंदिर, भूतेश्वर नाथ मंदिर, हरि कैलाश मंदिर, बनखंड महादेव मंदिर और ठिठारी महादेव मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भगवान आशुतोष शंकर को जलाभिषेक किया।
भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए
सुबह से ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई थी। मंदिर परिसर बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान रहे। जलाभिषेक करने का यह क्रम पूरा दिन लगातार जारी रहा। सुरक्षा की दृष्टि से सभी मंदिरों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। श्रद्धालुओं ने भगवान को बेलपत्र, दूध, गंगा जल और पंचमेवा समर्पित करके मंगल कामना की। दोपहर तक मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का तांता लगा रहा।
जलाभिषेक को लेकर श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न आए, इसके लिए
मंदिर प्रबंधन कमेटियों ने अपने वालेंटियरों की डयूटियां लगाई हुईं थीं। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि शिवभक्त फाल्गुन माह की शिव रात्रि के बाद सावन माह की शिवरात्रि का विशेष तौर पर इंतजार करते हैं।
पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि
भगवान शिव को प्रिय सावन की शिवरात्रि की महिमा बिल्कुल अलग होती है। सावन माह की शिवरात्रि का महत्व इसलिए भी ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि इस दिन भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना बहुत पुण्य कारक माना गया है। मंदिर में शिवलिंग के रूद्राभिषेक के दौरान हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा माहौल गूंजायमान हो गया। यह समाचार हिन्दुस्थान समाचार द्वारा विजेंद्र मराठा द्वारा कवर किया गया है।