जोधपुर में 4000 संदिग्ध बैंक खातों की जांच, 25 युवक गिरफ्तार

Team Atal Hind5 May 20262 min read4 viewsराजस्थान
जोधपुर में 4000 संदिग्ध बैंक खातों की जांच, 25 युवक गिरफ्तार

जोधपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: 4000 संदिग्ध बैंक खातों की जांच, 25 युवक गिरफ्तार

जोधपुर /5 अप्रैल /अटल हिन्द ब्यूरो

राजस्थान के जोधपुर में साइबर अपराध का बड़ा नेटवर्क सामने आया है, जहां करीब 4000 संदिग्ध बैंक खातों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। ये खाते साइबर ठगों द्वारा अवैध लेन-देन और धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

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Jodhpur साइबर पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क म्यूल अकाउंट (Mule Accounts) के रूप में काम कर रहा है, जिसमें बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पैसे का लालच देकर उनके बैंक खाते ठगों को किराए पर दिए जा रहे हैं।

जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में लगभग 2400 और रेंज स्तर पर 1600 संदिग्ध खाते चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 400 खातों की तस्दीक की जा चुकी है और 25 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक 11 मामले दर्ज हो चुके हैं।

कैसे काम करता है साइबर ठगी नेटवर्क

पुलिस के अनुसार साइबर ठग पहले कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों को पहचानते हैं और उन्हें 10 से 15 हजार रुपये प्रति ट्रांजेक्शन का लालच देकर उनके बैंक खाते इस्तेमाल करते हैं।

इन खातों का उपयोग “फर्स्ट लेयर अकाउंट” के रूप में किया जाता है, जहां पीड़ित से ठगी की राशि सीधे डलवाई जाती है और फिर उसे आगे ट्रांसफर कर दिया जाता है।

बड़ा साइबर खतरा

जोधपुर अब साइबर ठगों के लिए एक ट्रांजेक्शन हब बनता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अपराध नेटवर्क है, जिसमें ठग अलग-अलग राज्यों और विदेशों से ऑपरेट कर रहे हैं।

गिरफ्तारी और कार्रवाई

अब तक 25 युवाओं को केवल अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के पास पर्याप्त डिजिटल सबूत मौजूद हैं। दोष सिद्ध होने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।

डिजिटल करेंसी से बचते हैं ठग

पुलिस जांच में सामने आया है कि ठग पैसे को आगे ट्रांसफर करने के लिए USDT जैसी डिजिटल करेंसी का उपयोग करते हैं, जिससे उनका सीधा संबंध खाते से खत्म हो जाता है।

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