Joe Root ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का बड़ा रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में बनाए सबसे ज्यादा 50 से अधिक स्कोर

इंग्लैंड के कप्तान Joe Root ने टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा पचास से अधिक स्कोर बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया है। शनिवार, 12 सितंबर 2026 को एजबेस्टन में 62 रन बनाकर नाबाद रहने के बाद उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। इस शानदार प्रदर्शन की मदद से इंग्लैंड ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हरा दिया और सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप पूरा किया। The Times of India, News18 और CricTracker सहित कई स्वतंत्र मैच रिपोर्टों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह पारी Root का 69वां टेस्ट अर्धशतक थी। सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में 68 अर्धशतक बनाए थे। Root ने यह रिकॉर्ड 169 टेस्ट मैचों और 309 पारियों में हासिल किया, जबकि तेंदुलकर को अपने कुल स्कोर तक पहुँचने के लिए 200 टेस्ट और 329 पारियों की आवश्यकता थी।
करियर के पचास से अधिक स्कोर की सूची
ऐतिहासिक डेटा से पता चलता है कि Root और तेंदुलकर के बाद, कई अन्य दिग्गज बल्लेबाज इस विशिष्ट सांख्यिकीय श्रेणी में शीर्ष पर हैं। वेस्ट इंडीज के शिवनारायण चंद्रपॉल ने अपने करियर का अंत 66 अर्धशतकों के साथ किया। एलन बॉर्डर और राहुल द्रविड़ दोनों ने 63 अर्धशतकों के साथ अपने खेल के दिन समाप्त किए। ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग इस सूची में अगले स्थान पर हैं जिनके नाम 62 अर्धशतक हैं। Root ने अब खेल के इतिहास में सबसे लगातार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया है। एजबेस्टन में उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें उस विशिष्ट मैदान पर 1,000 टेस्ट रन बनाने वाला पहला बल्लेबाज भी बना दिया। उन्होंने लॉर्ड्स में 2,203 रन, ओल्ड ट्रैफर्ड में 1,128 रन और द ओवल में 1,050 रन सहित चार अलग-अलग मैदानों पर यह मुकाम हासिल किया है। ये वेन्यू आंकड़े शनिवार को प्रदान की गई मैच कवरेज द्वारा समर्थित हैं।
बैटींग के मील के पत्थरों का संदर्भ
जबकि Root ने अर्धशतकों का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, तेंदुलकर सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय श्रेणियों के शीर्ष पर अपनी स्थिति बनाए हुए हैं। तेंदुलकर ने अपने करियर का अंत 15,921 रन और 51 शतकों के साथ किया। Root अपने नवीनतम बर्मिंघम दौरे के बाद 14,278 रन और 41 शतकों पर हैं। तेंदुलकर 53.78 के बेहतर टेस्ट औसत को भी बनाए रखते हैं, जबकि Root का वर्तमान औसत लगभग 50.45 है। Root ने अगस्त में इस सीरीज के शुरुआती टेस्ट के दौरान सबसे पहले Headingley में तेंदुलकर के 68 अर्धशतकों के कुल स्कोर की बराबरी की थी। इसके बाद उन्होंने फॉर्म के लिए संघर्ष किया और एजबेस्टन में अपनी लय फिर से पाने से पहले 4, 24 और 8 के स्कोर बनाए। प्रदर्शन में इस गिरावट को शनिवार को दर्ज की गई रैप-अप रिपोर्टों में व्यापक रूप से नोट किया गया था। अंग्रेजी कप्तान 35 वर्ष के हैं, जबकि तेंदुलकर ने 40 वर्ष की आयु तक खेला।
इंग्लैंड के कप्तान की भविष्य की संभावनाएं
भविष्य को देखते हुए, भारत में चर्चा संभवतः इस बात पर केंद्रित होगी कि क्या Root करियर के रनों के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं। वह उस लक्ष्य से 1,643 रन दूर हैं। उनका यह सफर उनकी चल रही फिटनेस और इंग्लैंड की टेस्ट टीम में उनके निरंतर चयन पर निर्भर करेगा। पर्यवेक्षक यह भी देख रहे हैं कि क्या वह अपने 41 शतकों के आंकड़े में और इजाफा कर सकते हैं। अर्धशतकों का वर्तमान रिकॉर्ड बल्लेबाजी महानता के अंतिम संकेतक होने के बजाय निरंतरता का प्रमाण के रूप में कार्य करता है। टेस्ट क्रिकेट दर्शक आधुनिक खिलाड़ियों के लिए तेंदुलकर के लेजर को प्राथमिक मानक के रूप में देखना जारी रखते हैं। Root ने सभी समय के महान खिलाड़ियों में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है, लेकिन प्राथमिक रन और शतक के रिकॉर्ड की उनकी खोज उनके करियर के अगले अध्याय को परिभाषित करेगी।