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Kaithal-क्या राशन डिपुओं में तेल देरी से पहुंचाने के पीछे खाद्य आपूर्ति विभाग का चल रहा है कोई खेल !

क्या राशन डिपुओं में तेल देरी से पहुंचाने के पीछे खाद्य आपूर्ति विभाग का चल रहा है कोई खेल !

कैथल जिले के दर्जनों डिपुओं में लास्ट डेट में पहुंचा मार्च महीने का सरसों का तेल, लोगों में पनपा रोष

कैथल, 01 अप्रैल (कृष्ण प्रजापति): करोना वायरस के चलते देशभर में लगाए गए लॉक डाउन के दौरान जहां केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन हर खाद्य पदार्थों को, राशन डिपुओं, मिड डे मील कर्मचारियों, आंगनवाड़ी वर्करों, सरकार और प्रशासन के साथ लगे सेवा कर्मियों के माध्यम से घर-घर पहुंचाने का प्रयास कर रही है और कुछ हद तक सफलता भी मिली है, वहीं दूसरी ओर खाद्य एवं पूर्ति विभाग सरकार की इस मुहिम को फेल करने में लगा हुआ है। जी हां ! मार्च महीने में करोना वायरस का संक्रमण पूरे देश में इस प्रकार फैला कि पूरे देश भर में लॉक डाउन और कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा उज्ज्वला योजना के तहत फ्री सिलेंडर 3 महीने तक देने, 3 महीने का राशन फ्री देने और असंगठित श्रमिकों के खाते में सहायता राशि देने सहित अन्य प्रकार की सहायता प्रदेश की जनता को देने की घोषणा की। लेकिन इन घोषणाओं के मध्य एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें राशन डिपुओं में मार्च महीने का सरसों का तेल अंतिम तिथि को पहुंचा जिसको न तो डिपो होल्डर्स अब बांट सकते और न अपने पास रख सकते क्योंकि मार्च की 31 तारीख को राशन डिपुओं में पहुंचा। जानकारी के मुताबिक कैथल जिले के कुछ डिपुओं में तो राशन बंट चुका है लेकिन 10-12 डिपुओं में सरसों का तेल गत 31 मार्च को देर रात पहुंचा जिसकी वजह से डीपु होल्डर्स उसको स्टॉक में चढ़ा नहीं पाए और मार्च का सामान बंटने से वंचित रहा, जिसका इस्तेमाल डिपो होल्डर्स मार्च महीने के बजाय अप्रैल में कर पाएंगे यानी कि मार्च महीने में मिलने वाला सरसों का तेल अब उपभोक्ताओं की पहुंच से दूर हो चुका है, जिस मामले में विभाग के अधिकारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए और खुद को बेबस बताया। डिपो होल्डर्स भी जहां इस मामले से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं तो वही विभाग के अधिकारी भी इस मामले में केवल मजबूरी ही दर्शा रहे हैं। अधिकतर डिपो होल्डर के पास ग्रामीणों के रोष प्रकट होने शुरू हो चुके हैं हालांकि लॉक डाउन की स्थिति के चलते प्रदर्शन जैसी स्थिति नहीं हो पाई है लेकिन उपभोक्ताओं में इस बात को लेकर काफी रोष है।

वर्जन –डीएफएससी वरिंदर सिंह

जब हमने इस बारे में कैथल खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक वरिंदर सिंह व इंस्पेक्टर जय भगवान सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कैथल जिले में 4000 लीटर सरसों का तेल देरी से पहुंचा और 31 मार्च को ही वह कैथल में पहुंचा था और 31 तारीख को ही उन्होंने विभिन्न डिपो को सप्लाई भी किया था। डिपो होल्डर्स ने भी इस मामले में तीव्र कार्रवाई दिखाते हुए कुछेक उपभोक्ताओं की पर्चियां काटी है लेकिन कुछ उपभोक्ताओं को मार्च महीने में मिलने वाले सरसों के तेल से वंचित रहना पड़ेगा और अब उनको अप्रैल महीने के सरसों के तेल से ही संतुष्ट होना पड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि कैथल जिले में केवल 4000 लीटर तेल ही देरी से पहुंचा है बाकी जिलों में स्थिति इससे भी ज्यादा खराब है और इस मामले में विभाग की मजबूरी ही मान सकते हैं।

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