Kaithal महंत रामभज दास हत्याकांड गाडी तथा तथा बाबा के खुन से सना डंडा बरामद

महंत रामभज दास हत्याकांड में पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त सोनीपत से चोरीशुदा टाटा नैक्शन गाडी तथा तथा बाबा के खुन से सना डंडा बरामद,
वारदात में लिप्त शेष चार आरोपियों की पुख्ता पहचान, दोनों आरोपी भेजे गये न्यायिक हिरासत में
कैथल, 09 जुलाई ( atal hind) महंत रामभज दास हत्याकांड व लूटपाट मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे 2 आरोपियों से पूछताछ करते हुए सीआईए-1 द्वारा आरोपियों द्वारा प्रयुक्त की गई सोनीपत से चोरीशुदा टाटा नैक्शन गाडी तथा बाबा के खुन से सना हुआ डंडा बरामद कर लिया गया। दोनों आरोपी 9 जुलाई को अदालत में पेश कर दिए गये, जहां से दोनों को न्यायालय के आदेशानुसार 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि सीआईए-1 प्रभारी इंंस्पेक्टर अनूप कुमार की अगुवाई में एसआई बिजेंद्र सिंह, हेडकांस्टेबल तरसेम व मनीष कुमार की टीम द्वारा 6 जुलाई को आरोपी गुरमीत निवासी खरक पांडवा तथा राजन निवासी नरवाना का 9 जुलाई तक 3 दिन का पुलिस रिमांड रिमांड हासिल किया गया था। जिसके दौरान आरोपियों की निशानदेही पर श्योंसर जंगल में छिपाई गई नैक्शन गाडी तथा तथा बाबा के खुन से सना डंडा बरामद कर लिया गया। बरामद किया गया डंडे द्वारा वारदात के समय आरोपी गुरमीत द्वारा बाबा रामभज पर हमला किया गया था, जबकि घटनास्थल पर पहुंचने तथा मौके से फरार होने में प्रयुक्त की गई नैक्शन गाडी आरोपियों व उसके साथियों द्वारा करीब ढेड माह पुर्व सोनीपत से चुरानी कबुली गई है। बता दें कि डेरा सांघन के बाबा रामभज दास की डड़ों से चोटे मारकर हत्या करके गाडी, नकदी व मोबाइल लूटने बारे थाना कलायत में मामला दर्ज किया गया था। दिनांक 24 जून की शाम को आरोपी अजय मेहरा ने बाबा रामभज दास को कुलबीर की मार्फत खरक पांडवा नहर पटरी पर बुलाया, जहां अजय के अन्य साथी भी मौजूद थे। वहां पर कैथल के एक मंदिर के वयोवृध पुजारी ही हत्या करने के संबध में बाबा रामभज व अजय की 50 हजार रुपए और एंडवास देने को लेकर तकरार हो गई, जिसके दौरान अजय व उसके 5 अन्य साथियों द्वारा टाटा नैक्शन गाडी से ड़ंडे निकाल कर बाबा रामभज दास को गंभीर चोटेें मार दी, जिसको कुलबीर द्वारा उनके चंगुल से छुडवाने का प्रयास किया जिसके दौरान आरोपी बाबा की स्वीफट डिजायर गाडी, मोबाइल, कुलबीर का मोबाइल तथा पर्स छीनकर मौके से फरार हो गए। बाद में बाबा रामभज को जब कैथल के निजी अस्पताल से प्राथमिक उपचार उपरांत पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया जा रहा था, तो रास्ते में उसकी मौत हो गई।
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक मंहत द्वारा कैथल के एक प्राचीन मंदिर की गद्दी हथियाने के लिए मंदिर के वयोवृध पुजारी की हत्या के लिए 5 लाख रुपए की सुपारी दी गई थी। योजना अनुसार वयोवृध पुजारी की हत्या का आरोप उसकी मौत उपरांत गद्दी को प्राप्त करने की दावेदारी करने वाले एक अन्य पुजारी पर मढऩे की योजना थी, जिससे उसके जेल जाने पर करीब 70/80 करोड रुपए की संपत्ती वाले मंदिर की गद्दी हासिल की जा सके। पंरतु योजना के सिरे चढने से पुर्व की एंडवास पैसे लेन-देन की वजह कारण दोनों पक्षों के मध्य हुए झगड़े में आरोपियों द्वारा मारी गई चोटों के कारण महंत रामभज दास की मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वारदात में लिप्त शेष 4 मुख्यारोपियों की पहचान रोहित उर्फ ढीला निवासी हलालपुर जिला सोनीपत, मंयक व आशीश उर्फ आर्सी दोनों निवासी मंडोरा जिला सोनीपत तथा अजय मेहरा निवासी सिरसा हाल निवासी नरवाना के रुप में की जा चुकी है, जो कुख्यात अपराधी बताए गये है, जिनकी सीआईए पुलिस द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है। जबकि आरोपी गुरमीत व राजन को न्यायालय के आदेशानुसार 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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