कैथल जिला नागरिक अस्पताल परिसर में इमरजेंसी वार्ड के बाहर दो युवकों पर चाकू से हमला,

कैथल / 17 अगस्त /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
कैथल में सोमवार को जिला नागरिक अस्पताल परिसर में एक गंभीर घटना हो गई। इमरजेंसी वार्ड के ठीक बाहर दो युवकों पर चाकू से हमला किया गया। दोनों घायल हो गए और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घायल युवकों की पहचान अभिषेक और कुलदीप के रूप में हुई है। अभिषेक की उम्र करीब 24 साल है और कुलदीप करीब 27 साल के हैं। दोनों गांव क्योड़क के रहने वाले हैं।
जानकारी के मुताबिक सुबह गांव में दोनों का दूसरे पक्ष से कोई विवाद हो गया था। इस झगड़े में उन्हें चोटें आईं। इलाज और मेडिकल जांच के लिए वे कैथल के सरकारी अस्पताल पहुंचे। वे इमरजेंसी के पास खड़े थे। तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और उन पर चाकू से वार करने लगे। हमला अचानक हुआ। दोनों युवक खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। अस्पताल में मौजूद मरीज और उनके परिजन इस दृश्य को देखकर घबरा गए। कई लोग इधर-उधर भागने लगे। अस्पताल स्टाफ और आसपास के लोगों ने तुरंत दोनों घायलों को संभाला। उन्हें जल्दी से इमरजेंसी के अंदर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक
इलाज शुरू किया। दोनों के शरीर पर कई गहरे घाव थे। खून ज्यादा बहने से उनकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने बताया कि घाव गंभीर हैं। बेहतर इलाज के लिए दोनों को तुरंत रेफर कर दिया गया। पहले चंडीगढ़ की बात कही जा रही थी, लेकिन बाद की जानकारी के अनुसार उन्हें रोहतक के पीजीआई भेजा गया है। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जगह का जायजा लिया। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामला पुरानी रंजिश या गांव के विवाद से जुड़ा लगता है।
हमलावर मौके से भाग गए। पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जल्द ही हमलावरों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की है। अस्पताल जैसे जगह पर इस तरह की घटना से लोग चिंतित हैं। मरीज और उनके परिजन सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे। कई लोगों ने कहा कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। गांव क्योड़क में पहले हुए विवाद की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। घायलों के परिजन भी अस्पताल और पुलिस से संपर्क में हैं। अभिषेक और कुलदीप का इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है। डॉक्टर उनकी हालत पर नजर रखे हुए हैं। परिवार वाले उनके ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कैथल पुलिस ने कहा है कि कोई भी दोषी नहीं बचेगा।
सीसीटीवी और गवाहों के आधार पर आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह घटना सोमवार सुबह की है। अस्पताल परिसर में अचानक हड़कंप मच गया था। स्टाफ ने तुरंत मदद की और घायलों को बचाया। अगर देरी होती तो हालत और बिगड़ सकती थी। हरियाणा में अस्पताल परिसर में हिंसा की घटनाएं समय-समय पर चर्चा में रहती हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहते हैं। इस मामले में भी प्रशासन से जवाब मांगा जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद और जानकारी सामने आएगी। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है।
उनके परिजन रोहतक में उनके पास मौजूद हैं। कैथल जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है। इस घटना के बाद अस्पताल के आसपास गश्त बढ़ा दी गई है। लोग शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। गांव के विवाद को अस्पताल तक ले जाना गलत है। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को कानून का सहारा लेना चाहिए। हिंसा से कोई समस्या हल नहीं होती। अभिषेक और कुलदीप दोनों युवक साधारण परिवार से हैं। वे इलाज के लिए आए थे। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि विरोधी पक्ष अस्पताल तक पहुंच जाएगा।
हमलावरों ने जल्दी-जल्दी वार किए और भाग निकले। कोई उन्हें रोक नहीं पाया। अस्पताल स्टाफ व्यस्त था। मरीजों की भीड़ भी थी। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को पूरी सहयोग दिया। सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई गई। गवाहों के नाम भी बताए गए। पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जांच तेज गति से चल रही है। जल्द आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं। रोहतक पीजीआई में दोनों घायलों की सर्जरी या आगे के इलाज की जरूरत पड़ सकती है। डॉक्टर उनकी रिपोर्ट देखकर फैसला करेंगे। परिवार वाले चिंतित हैं लेकिन उम्मीद बनाए हुए हैं।
कैथल की इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा कितनी जरूरी है। अस्पताल मरीजों के इलाज की जगह है। यहां हिंसा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और पुलिस दोनों को मिलकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी। सीसीटीवी और गार्ड की संख्या बढ़ाने पर विचार हो सकता है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है। कोई आधिकारिक गिरफ्तारी की खबर अभी तक नहीं आई है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और तथ्य सामने आएंगे। लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
सही जानकारी पुलिस और अस्पताल से लें। घायलों के परिवार के साथ खड़े रहें और शांति बनाए रखें। यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। कई समाचार माध्यमों ने इसे कवर किया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी खबर पहुंच चुकी है। अब इंतजार है कि पुलिस जल्द आरोपियों को पकड़े और न्याय मिले। अभिषेक और कुलदीप जल्द स्वस्थ हों, यही सबकी कामना है। अस्पताल परिसर में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।