कैथल में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: आठ माह में 153 मामले दर्ज, 235 तस्कर गिरफ्तार और 254 गांव हुए नशामुक्त

कैथल पुलिस की नशे के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का असर अब सीधे तौर पर गांवों तक दिखाई देने लगा है। वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में पुलिस ने नशा तस्करी के कुल 153 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 235 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन हजार किलो से अधिक डोडा पोस्त समेत भारी मात्रा में विभिन्न प्रकार के अवैध नशीले पदार्थों को बरामद किया है। वहीं दूसरी ओर, ग्रामीणों और ग्राम पंचायतों के आपसी सहयोग से जिले के कुल 254 गांव अब नशामुक्त श्रेणी में दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस द्वारा बरामद किए गए नशीले पदार्थों का पूरा विवरण
पुलिस विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नशा बरामद किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 3050 किलो 760 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ है। इसके अलावा पुलिस ने 144 किलो 381 ग्राम चूरा पोस्त, 157 किलो 738 ग्राम गांजा, 16 किलो 51 ग्राम अफीम, सात किलो 30 ग्राम चरस और एक किलो 768 ग्राम हेरोइन को जब्त किया है। इन सभी चीजों के साथ ही पुलिस ने 15 किलो 130 ग्राम अफीम के पौधे, 7183 नशीली गोलियां, 348 नशीले इंजेक्शन और नशीली गोलियों का तीन किलो 206 ग्राम घोल भी सफलतापर्वक जब्त किया है।
कमर्शियल क्वांटिटी के मामले और गांवों में पुलिस की निगरानी
कुल दर्ज किए गए इन 153 मामलों में से 34 मामले सीधे तौर पर कमर्शियल क्वांटिटी के हैं। इन बड़े मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों का यह साफ तौर पर कहना है कि जिन गांवों को नशामुक्त घोषित कर दिया गया है, उन गांवों में भी पुलिस लगातार कड़ी निगरानी रख रही है। यह निगरानी इसलिए रखी जा रही है ताकि नशे की बिक्री और सप्लाई दोबारा से अपने पैर इन इलाकों में न पसार सके।
नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर प्रशासनिक कार्रवाई का डंडा
नशे के कारोबार के जरिए अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति पर भी पुलिस और जिला प्रशासन ने बहुत कड़ा शिकंजा कसा है। वर्ष 2026 के दौरान पांच आदतन नशा तस्करों की करीब 84 लाख रुपये की संपत्ति को फ्रीज करवाया गया है। जिन लोगों की संपत्ति फ्रीज हुई है उनमें गांव खरकां की रहने वाली बीरो देवी, उसका पति मालक राम और पुत्र रवि तथा सजुमा रोड कलायत के रहने वाले राजेश और उसका भाई विकास शामिल हैं। इसके अलावा पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत खरकां गांव के आदतन नशा तस्कर मालक राम को एक वर्ष के लिए जिला जेल में डिटेन करवाया गया है। इसके साथ ही, 28 जुलाई के दिन जिला प्रशासन और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने सिरटा रोड कैथल पर तीन नशा तस्करों द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से बनाए गए मकानों को जेसीबी की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन की आमजन से खास अपील
कैथल के एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल पुलिस विभाग की नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे का कारोबार करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से यह अपील की है कि वे अपने आसपास के इलाके में होने वाली नशे की बिक्री या फिर उसकी सप्लाई की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन की तरफ से यह भरोसा दिलाया गया है कि सूचना देने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।