कैथल: जिला परिषद परिसर से शहीदों की प्रतिमाएं हटाने पर पूर्व सैनिकों में भारी रोष, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

कैथल में शहीदों की प्रतिमाओं को जिला परिषद परिसर से हटाए जाने के आरोप को लेकर पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों में भारी रोष देखने को मिला है। पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन कैथल के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों ने सोमवार को एक बड़ा रोष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान लघु सचिवालय पहुंचकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
हर घर तिरंगा महोत्सव और श्रद्धांजलि की अनुमति
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों की स्मृति को सम्मान देने के लिए सरकार की ओर से हर घर तिरंगा महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में एसोसिएशन ने जिला परिषद परिसर में लंबे समय से रखी शहीदों की प्रतिमाओं पर 10 अगस्त को तिरंगा फहराकर श्रद्धांजलि देने की अनुमति मांगी थी। पूर्व सैनिकों का मुख्य आरोप है कि इसके बाद जिला परिषद परिसर से इन प्रतिमाओं को चुपचाप हटा दिया गया, जिसके कारण शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों को वहां श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर नहीं मिल सका।
लघु सचिवालय तक मार्च और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
जिला परिषद परिसर में घटना से पहले पूर्व सैनिकों ने वहां शहीदों की तस्वीरें मंगवाईं और उन्हें माल्यार्पण किया। तस्वीरों पर तिरंगा लगाकर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें पूरी श्रद्धा के साथ याद किया गया। इसके बाद सभी पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों ने मिलकर जोरदार रोष प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय तक मार्च निकाला। अंत में मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा गया।
पूर्व सैनिकों की कड़ी चेतावनी और आगे की रणनीति
एसोसिएशन प्रधान जगजीत सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का सम्मान करना हर एक नागरिक का मुख्य कर्तव्य है। पूर्व सैनिक अपने उन वीर पूर्वजों का अपमान किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो एसोसिएशन की आपात बैठक बुलाई जाएगी और आगे की कड़ी रणनीति तय की जाएगी। इस रोष प्रदर्शन में एयरफोर्स वेटर्न्स के जिला प्रधान एचएफओ भीम सिंह गिल, एचएसओ महेंद्र सिंह राणा, कैप्टन मुख्तार सिंह जांगड़ा, सूबेदार मेजर रामफल चहल, हवलदार मदन चहल, कैप्टन बलजीत मोर, सूबेदार मेजर खजान सिंह, कैप्टन रवि दत्त शर्मा, दफेदार राजाराम, डब्ल्यूओ राजपाल कुंडू, हवलदार थान सिंह, मास्टर रणबीर सेरदा, कैप्टन मोहन करोड़ा, एलडी बलदेव सिंह, नायक भले राम राठी, हवलदार रुलदू राम, सूबेदार धर्मवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और शहीद परिवारों के सदस्य प्रमुख रूप से मौजूद रहे।