कैथल में गांजा तस्कर और ट्यूबवेल चोर गिरफ्तार, एसपी ने क्रेडिट कार्ड साइबर ठगी से बचने की दी चेतावनी

कैथल में पुलिस प्रशासन द्वारा अपराध और नशे के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। थाना तितरम पुलिस ने 1 किलो 20 ग्राम गांजा फूल पत्ती सहित दो आरोपियों को काबू किया है। वहीं, थाना ढांड पुलिस ने ट्यूबवेल से स्टार्टर और बिजली की केबल चोरी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने नागरिकों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर हो रही साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है।
थाना तितरम पुलिस ने गांजा सप्लायर सहित दो आरोपी किए काबू
एक तरफ जहां एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार जिला पुलिस द्वारा नशा ना करने बारे आमजन को जागरूक किया जा रहा है, वहीं पर पुलिस द्वारा नशा तस्करों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इसी मुहिम तहत थाना तितरम पुलिस द्वारा एक नशा तस्कर को 1 किलो 20 ग्राम गांजा फूल पत्ती सहित काबू कर लिया गया। आरोपी से पूछताछ उपरांत त्वरित कार्रवाई दौरान गांजा फुलपत्ती सप्लाई करने वाला आरोपी को भी काबू कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थाना तितरम पुलिस प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश कुमार की अगुवाई में एएसआई सुरेश कुमार की टीम गश्त दौरान बिजली बोर्ड तितरम के पास मौजूद थी। सहयोगी सूत्रों से पुलिस को गुप्त जानकारी मिली कि गांव मुवाना जिला जींद निवासी आलोक काफी समय से गांजा फूल पत्ती बेचने का धंधा करता है जो अभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांजा फूल पत्ती बेचने के लिए गांव तितरम व प्यौदा की तरफ आने वाला है। सूचना विश्वसनीय होने कारण पुलिस टीम द्वारा मुस्तैदी का परिचय देते हुए तितरम मोड़ के पास नाकाबंदी की गई। कुछ समय बाद गांव तितरम की तरफ एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आता दिखाई दिया, जिसे पुलिस टीम द्वारा रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति मोटरसाइकिल वापस मोड़ने का प्रयास करने लगा। सतर्क पुलिस ने संदिग्ध आरोपी को मौके पर ही काबू कर लिया। जिसकी पहचान गांव मुवाना जिला जींद निवासी आलोक के रूप में हुई। पुलिस सूचना उपरांत मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार राजौंद सुभाष चन्द के समक्ष ली गई तलाशी दौरान आरोपी के कब्जे में बैग से 1 किलो 20 ग्राम गांजा फूलपत्ती बरामद हुई। जिस बारे थाना तितरम में मामला दर्ज कर मौके पर पहुंचे एएसआई संजय द्वारा आरोपी को काबू कर लिया गया। आगामी पूछताछ दौरान खुलासा हुआ की उसको यह गांजा फूलपत्ती गांव बाबा लदाना निवासी गौरव द्वारा उपलब्ध करवाई गई थी। एएसआई संजय की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव बाबा लदाना निवासी गौरव को भी काबू कर लिया गया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर आरोपी आलोक का 1 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है व आरोपी गौरव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
थाना ढांड पुलिस द्वारा ट्यूबवेल से स्टार्टर व बिजली की केबल चोरी करने का आरोपी काबू
पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार अपराधों पर अंकुश लगाने तथा चोरी की वारदातों में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना ढांड क्षेत्र में ट्यूबवेल से बिजली का स्टार्टर व केबल चोरी करने के मामले में थाना ढांड पुलिस प्रभारी एसआई शक्ति सिंह की अगुवाई में एएसआई सिकंदर सिंह की टीम द्वारा आरोपी गांव निगधू जिला करनाल निवासी करनैल सिंह को काबू कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव कौल निवासी जितेन्द्र कि शिकायत अनुसार उसके खेत में ट्यूबवेल लगा हुआ है। दिनांक 18 जनवरी को उसके खेत में बने ट्यूबवेल के कोठे से कोई अज्ञात व्यक्ति ट्यूबवेल का स्टार्टर तथा 300 फुट बिजली की केबल काटकर चोरी करके ले गया। इसके साथ साथ उसके पड़ोसी गांव कौल निवासी रामपाल, नरेश तथा सतपाल के ट्यूबवेल कोठों से भी मोटर की तारें चोरी की गई हैं। जिस बारे थाना ढांड में मामला दर्ज कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से 2 हजार रुपए बरामद कर लिये गये। आरोपी से व्यापक पूछताछ के लिए अदालत से 1 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर साइबर ठगी से रहें सतर्कः एसपी मनप्रीत सिंह सूदन
जिला पुलिस द्वारा आमजन को साइबर ठगी से बचाने के लिए निरंतर जागरूक किया जा रहा हैं। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने जिलावासियो को आगाह करते हुए बताया कि साइबर अपराधी अब बैंक अधिकारियों या कस्टमर केयर प्रतिनिधियों के रूप में खुद को प्रस्तुत कर क्रेडिट कार्ड धारकों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ये ठग लोगों को कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से संपर्क कर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का लालच देते हैं और इस बहाने से व्यक्तिगत व वित्तीय जानकारी चुराते हैं। एसपी ने बताया कि ठग सबसे पहले बड़े ही प्रोफेशनल तरीके से बात कर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। इसके बाद वे पीड़ितों से कार्ड नंबर, ओटीपी, सीवीवी, जन्मतिथि जैसी गोपनीय जानकारी मांगते हैं। कई मामलों में ठग लिंक या फर्जी एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर मोबाइल का रिमोट एक्सेस भी हासिल कर लेते हैं। एक बार जानकारी मिलते ही ठग कुछ ही मिनटों में खातों से पैसे निकाल लेते हैं या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि आमजन को सतर्क और सजग रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी बैंक या अधिकृत संस्था फोन पर कभी ओटीपी, कार्ड नंबर या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं मांगती। नागरिक किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड करें। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में अधिकांश लोग ठगों की बातों में आकर बिना पुष्टि किए संवेदनशील जानकारी साझा कर देते हैं, जिससे ठगों को फायदा मिल जाता है। इसलिए ऐसी किसी भी कॉल या संदेश की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए संबंधित बैंक के आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर पर सीधे संपर्क करें। एसपी ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी की घटना घटे तो तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। समय रहते दी गई जानकारी से कई बार ट्रांजेक्शन को रोका जा सकता है और राशि वापस भी करवाई जा सकती है।