कैथल में बड़ी कार्रवाई: चौकी रामथली पुलिस ने 12.63 ग्राम हेरोइन और ब्रेजा कार सहित नशा तस्कर को किया गिरफ्तार

कैथल, 30 अगस्त। जिला पुलिस द्वारा एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत चौकी रामथली पुलिस ने एक आरोपी को 12.63 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) सहित काबू किया है। पुलिस ने आरोपी की ब्रेजा गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता ने इस मामले की पूरी जानकारी दी है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस चौकी रामथली प्रभारी एएसआई राजेश कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ गांव रामथली, उरलाना और खरकां क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। पुलिस टीम क्षेत्र में अपराधों की रोकथाम के लिए मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि गुरमीत सिंह निवासी डेरा उरलाना रोड, खरकां हेरोइन (चिट्टा) बेचने का काम करता है। आरोपी आसपास के गांवों में भी इसकी सप्लाई करता है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी एक ब्रेजा कार में सवार होकर गांव उरलाना की तरफ आने वाला है।
नाकाबंदी के दौरान पकड़ा गया आरोपी
इस गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने खरकां से उरलाना रोड पर नाकाबंदी कर दी। कुछ समय बाद पुलिस को खरकां की तरफ से एक सफेद रंग की ब्रेजा कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस ने कार को रुकने का इशारा किया। पुलिस का इशारा देखकर चालक ने कार को वापस मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन अचानक कार बंद हो गई। पुलिस टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए चालक को काबू कर लिया। पूछताछ करने पर चालक की पहचान गुरमीत सिंह के रूप में हुई।
डीएसपी गुहला की मौजूदगी में हुई तलाशी
पुलिस ने इस मामले की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दी। सूचना मिलने के बाद डीएसपी गुहला रमेश गुलिया मौके पर पहुंचे। डीएसपी रमेश गुलिया के समक्ष आरोपी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक पॉलीथिन बरामद हुआ। इस पॉलीथिन से 12.63 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। थाना गुहला में इस मामले में नियमानुसार मामला दर्ज किया गया है। एएसआई जयपाल द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है।
ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 15.69 लाख रुपये की ठगी
विदेश भेजने के नाम पर आमजन से ठगी करने वाले आरोपियों पर एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार कैथल पुलिस द्वारा लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर धोखाधड़ी कर 15 लाख 69 हजार रुपये हड़पने के मामले की जांच की गई। इस मामले की जांच एंटी इमिग्रेशन सैल प्रभारी पीएसआई शुभ्राशु की अगुवाई में एएसआई रणधीर सिंह की टीम द्वारा की जा रही है। पुलिस टीम ने इस मामले में आरोपी आकाश गुप्ता निवासी जीरकपुर, जिला मोहाली (पंजाब) को गिरफ्तार कर लिया है।
शिकायतकर्ता के बेटे को भेजा था बैंकॉक
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सुभाष नगर कैथल निवासी परमजीत ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उनका बेटा हर्षित कैथल के एक निजी विश्वविद्यालय में बीटेक कर रहा था। हर्षित ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करना चाहता था। 27 मार्च को आकाश गुप्ता ने हर्षित को फोन किया। आरोपी ने कहा कि उसने इंटरनेट पर हर्षित का रिज्यूम देखा है। आरोपी ने खुद को युवाओं को विदेश भेजने वाला बताया। इसके बाद उसने बेटे को बातों में उलझा लिया। आरोपी ने ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में दाखिला करवाने का भरोसा दिया। इसके बाद 17 लाख रुपये में सौदा तय कर लिया गया। शुरुआत में आरोपी ने चार लाख रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने आरोपी के पास ऑनलाइन माध्यम से एक लाख रुपये भेजे। इसके अलावा 3.20 लाख रुपये जीरकपुर में आरोपी की पत्नी को नकद दिए गए। इसके बाद हर्षित को दिल्ली जाने के लिए कहा गया।
फर्जी टिकट देकर विदेश में फंसाया
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने 28 मार्च को उनके बेटे को दिल्ली के मायापुरी स्थित होटल के बाहर छोड़ दिया। इसके बाद फ्लाइट में देरी का बहाना बनाया गया। आरोपियों ने 30 मार्च की टिकट भेजी। यह टिकट ऑस्ट्रेलिया की नहीं बल्कि थाईलैंड की थी। आरोपियों ने उनके बेटे को बैंकॉक भेज दिया। बैंकॉक पहुंचने के बाद उससे वीजा, कॉलेज फीस और बीमा के नाम पर लगातार पैसे मांगे गए। पैसे अलग-अलग किस्तों में मांगे गए थे। शिकायत के अनुसार 1 अप्रैल को 12 हजार रुपये भेजे गए। 2 अप्रैल को दो अलग-अलग खातों में 50-50 हजार रुपये भेजे गए। 3 अप्रैल को 45 हजार और 50 हजार रुपये भेजे गए। इसके बाद 4 अप्रैल को 1.43 लाख रुपये भेजे गए। 7 अप्रैल को हर्षित वापस भारत लौट आया था।
बारात और वियतनाम की फर्जी यात्रा
भारत लौटने के बाद जून महीने में इंटेक में दोबारा भेजने की बात कहकर फिर से रकम ली गई। 15 जून को आकाश ने हर्षित को जीरकपुर बुलाया। आरोपी ने दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ने की बात कही। तीन लाख रुपये बकाया बताकर कैथल के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित दुकान से नकद रकम ली गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद हर्षित को दोबारा बैंकॉक भेजा गया। कुछ समय बाद उसके नाम का बीमा भेजा गया। बैंकॉक से मेलबर्न की टिकट और ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी से संबंधित दस्तावेज भी भेजे गए। 30 मई की तय टिकट पर यात्रा नहीं हो सकी। इसके बाद 16 जून को उनके बेटे की वियतनाम की टिकट करवा दी गई। इसी बात से उन्हें आरोपियों की गतिविधियों पर संदेह हुआ।
मामला दर्ज और आरोपी रिमांड पर
आरोपियों ने इस तरह धोखाधड़ी करके कुल 15 लाख 69 हजार रुपये की रकम ऐंठ ली थी। इस पूरी ठगी के संबंध में थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का न्यायालय से दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से गहराई से पूछताछ की जा रही है।