कैथल में एंटी नारकोटिक सैल ने पकड़े 264 ग्राम हेरोइन के साथ तीन तस्कर, प्लाट पर कब्जे के मामले में सीआईए-1 ने एक आरोपी किया काबू

कैथल क्षेत्र में एंटी नारकोटिक सैल की टीम ने कार्रवाई करते हुए पंजाब निवासी तीन नशा तस्करों को 264 ग्राम हेरोइन यानी चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद किए गए नशे की कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने तस्करों की स्कॉर्पियो गाड़ी को भी जब्त कर लिया है और थाना शहर में मामला दर्ज कर आगामी पूछताछ व कार्रवाई शुरू कर दी है।
एंटी नारकोटिक सैल प्रभारी एसआई प्रदीप कुमार की अगुवाई में एसआई जय भगवान की टीम सीवन बाईपास पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार तीन युवक चीका की तरफ से हेरोइन बेचने के लिए अंबाला रोड कैथल की तरफ आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने अंबाला रोड पर नाकाबंदी की और संदिग्ध गाड़ी को रोकने का इशारा किया। चालक ने गाड़ी को वापस मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव मालू वाला जिला तरनतारन पंजाब निवासी विशाल, गांव मुसे खुर्द जिला तरनतारन निवासी अजयदीप तथा हरप्रीत के रूप में हुई है। मौके पर पहुंचे डीएसपी कैथल रमेश चंद्र के समक्ष गाड़ी की तलाशी ली गई, तो आगे की दोनों सीटों کے बीच बने बॉक्स में काले रंग की पॉलीथिन से एक पारदर्शी पन्नी में 264 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। एएसआई जगभान सिंह द्वारा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्हें जल्द अदालत में पेश किया जाएगा।
एक अन्य मामले में एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशों के तहत कार्रवाई करते हुए सीआईए-1 पुलिस ने कलायत क्षेत्र में प्लाट पर कब्जा करने और जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपी सतबीर उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सतबीर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कमजोर लोगों के प्लाट पर जबरन कब्जा करने और वसूली जैसे गंभीर अपराधों का एक संगठित गिरोह चला रहा है।
कलायत के वार्ड नंबर 12 निवासी शीशपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह कलायत में टायर पंचर लगाने का काम करता है और उसने रेलवे रोड पर स्थित अपना खाली प्लाट उमेश और नीना को बेच दिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त प्लाट पर अवैध कब्जा करने के नियत से प्रवीण शर्मा उर्फ डुली द्वारा फर्जी बयाना तैयार किया गया था। मुकदमों में सफलता न मिलने के कारण आरोपी रंजिश रखते हैं और प्लाट पर लगातार नुकसान पहुंचाते हैं। 1 जुलाई 2026 की रात को जब शीशपाल और उसकी पत्नी प्लाट पर थे, तब सतबीर उर्फ सोनू अपने साथियों के साथ दीवार फांदकर अंदर घुसा और उनके साथ मारपीट की।
इसके बाद रात को करीब 2 बजे जब शीशपाल और उसकी पत्नी मोरवी नंदन अस्पताल के पास पहुंचे, तो सतबीर उर्फ सोनू ने अपनी एंडेवर गाड़ी से उनका रास्ता रोक लिया। आरोपी सतबीर ने लोहे की गोल पट्टी लगे डंडे से शीशपाल के सिर पर जानलेवा वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे सरकारी अस्पताल कलायत से कैथल रेफर किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी सतबीर पर आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और धोखाधड़ी जैसे 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।