कैथल अस्पताल में युवक पर हमले का मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पुलिस टीम पर की फायरिंग

कैथल जिले के जिला नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दो युवकों पर चाकू और पेचकस से जानलेवा हमला करने के मामले में कैथल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जब कैथल लाया जा रहा था, तब असंध रोड पर मंडवाल माइनर के पास एक बड़ी घटना घटी। आरोपी ने पुलिस टीम से सरकारी पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। इसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को तुरंत उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गांव क्योड़क निवासी गोविंद के रूप में हुई है। सोमवार को गोविंद अपने एक साथी के साथ जिला नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा था। इन दोनों ने वहां मौजूद दो युवकों पर चाकू और पेचकस से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। इस खतरनाक वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस टीमों का गठन और आरोपी की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को पूरी तरह से समझते हुए पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन के सख्त निर्देश दिए गए। इन निर्देशों के आधार पर अपराध जांच शाखा-1 (सीआईए) और विशेष जासूसी इकाई (एसडीयू) की विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। एक पक्की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी गोविंद को उत्तर प्रदेश के शामली जिले से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश के शामली में जाकर छिप गया था। पुलिस टीम ने उसे वहीं से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया और अब उसे वाहन में बैठाकर कैथल वापस लाया जा रहा था।
पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश और मुठभेड़
इसी दौरान मंगलवार अलसुबह करीब तीन बजे असंध रोड पर मंडवाल माइनर के पास आरोपी ने पुलिस को चकमा देने की खतरनाक कोशिश की। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने गाड़ी में पेशाब करने का बहाना बनाया और गाड़ी रुकवाई। जैसे ही आरोपी नीचे उतरा, उसने तुरंत अपराध जांच शाखा-1 की टीम में तैनात एक पुलिस कर्मी की सरकारी पिस्टल छीन ली। इसके बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। आरोपी ने कुल मिलाकर करीब छह राउंड फायर किए। इन सभी फायरिंग में से एक गोली सीधे पुलिस वाहन पर जा लगी, हालांकि गनीमत यह रही कि इस दौरान सभी पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। स्थिति को भांपते हुए सीआईए-1 के प्रभारी जसवंत सिंह और एसडीयू के सहायक उपनिरीक्षक तरसेम ने आरोपी को तुरंत आत्मसमर्पण करने की सख्त चेतावनी दी। पुलिस अधिकारियों ने अपनी आत्मरक्षा और चेतावनी के तौर पर एक-एक हवाई फायर भी किया।
जवाबी कार्रवाई और आरोपी को गोली लगना
पुलिस की बार-बार दी जा रही चेतावनियों के बावजूद आरोपी ने फायरिंग बिल्कुल भी बंद नहीं की और लगातार गोलियां चलाता रहा। इसके बाद मजबूर होकर पुलिस टीम ने अपनी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुल तीन-तीन राउंड फायर किए। इसी दौरान पुलिस की एक गोली सीधे आरोपी के पैर में जा लगी। गोली लगते ही घायल आरोपी जमीन पर गिर गया। इसके तुरंत बाद सतर्क पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उसे मौके पर ही पूरी तरह से काबू कर लिया। घायल हुए इस आरोपी को तुरंत उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य साथियों की तलाश
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी गोविंद के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण और मारपीट जैसे संगीन अपराधों के करीब छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। अस्पताल में हुए इस सनसनीखेज हमले में शामिल उसके दूसरे साथी की तलाश अब भी जारी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस अब इस गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस अस्पताल में हुए इस हमले की असली वजह का पता लगा रही है। साथ ही इस वारदात में शामिल अन्य लोगों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी जरूरी तथ्यों की गहरी जानकारी जुटाई जा रही है।