कैथल जिला कारागार में रक्षाबंधन पर दिखा अनोखा प्यार, सलाखों के पीछे भाइयों को बहनों ने बांधी राखी

कैथल जिला कारागार में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व बहुत ही भावुक माहौल में मनाया गया। कलाई पर राखी बांधते समय बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े और उनके दिल से भाइयों के लिए दुआएं निकलीं। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कैथल जिला कारागार में भाई-बहन के रिश्ते की बहुत ही भावुक तस्वीरें देखने को मिलीं। सलाखों के पीछे बंद भाइयों से मिलने के लिए बहनें जेल पहुंचीं और यह पल उनके लिए बेहद खास थे। लंबे समय के बाद सामने आए भाई को देखकर कई बहनें बहुत अधिक भावुक हो गईं। किसी बहन ने भाई को गले लगाया तो किसी ने राखी बांधकर उसके अच्छे भविष्य की कामना की। इसके अलावा बहनों ने भाइयों के जल्द ही परिवार के बीच लौटने की भी कामना की।
जेल के बाहर जुटी भीड़ और सुरक्षा जांच
रक्षाबंधन के खास मौके पर सुबह से ही जिला कारागार के बाहर बहनों और महिला परिजनों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। पूरी सुरक्षा जांच करने के बाद महिला परिजनों को एक-एक करके जेल परिसर के अंदर प्रवेश दिया गया। जेल के भीतर जब भाई और बहन की मुलाकात हुई तो वहां भावनाओं का ऐसा सिलसिला चला कि कुछ देर के लिए जेल की ऊंची दीवारें और लोहे की सलाखें भी भाई-बहन के पवित्र स्नेह के सामने बहुत छोटी पड़ती हुई नजर आईं।
परिजनों की सुविधा के लिए जेल परिसर में ही थी व्यवस्था
बंदियों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन की ओर से परिसर के अंदर ही राखी, रक्षासूत्र, तिलक और मिठाई की पूरी व्यवस्था की गई थी। इस खास इंतजाम के कारण परिजनों को अपने साथ बाहर से राखी और मिठाई लेकर आने की कोई जरूरत नहीं पड़ी। जेल प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार करीब 717 बंदियों को उनकी बहनों, महिला परिजनों और प्यारे बच्चों ने राखी बांधी। इस दौरान महिला बंदियों ने भी अपने भाइयों की कलाई पर प्यार से राखी बांधी। भाई-बहन के इस मिलन के कारण जेल के सख्त माहौल में भी अपनापन साफ नजर आया। एक महिला बंदी द्वारा जेल में तैनात एक पुलिसकर्मी की कलाई पर राखी बांधने का दृश्य भी वहां मौजूद लोगों के बीच बड़ी चर्चा का विषय बना। इस खास पल ने जेल की चारदीवारी के बीच आपसी रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं की एक बिल्कुल अलग तस्वीर पेश की।
जेल अधीक्षक ने दी जानकारी और शाम के पकवान
जेल अधीक्षक अशोक कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि डीजीपी के सख्त आदेशानुसार जेल के मुख्य गेट के अंदर ओपन मुलाकात की विशेष व्यवस्था की गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि शाम के समय सभी बंदियों के लिए मीठी खीर सहित अन्य स्वादिष्ट पकवान भी विशेष तौर पर तैयार किए जाएंगे। जेल अधीक्षक ने कहा कि अपने परिवार से जुड़े रहने का यह मौका सभी बंदियों के लिए भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे आयोजनों से बंदियों को अपने परिजनों और समाज से जुड़े रहने में बहुत मदद मिलती है। इसके अलावा यह आयोजन बंदियों के मन से अकेलेपन, निराशा और तनाव की भावना को कम करने में भी काफी सहायक साबित होते हैं।