कैथल में प्लाट कब्जे को लेकर जानलेवा हमला: कुख्यात आरोपी सोनू रैबारी गिरफ्तार, 15 से ज्यादा मामले हैं दर्ज

प्लाट पर कब्जा करने की नियत से जानलेवा हमला करने के मामले में सीआईए 1 द्वारा आरोपी काबू, 3 दिन पुलिस रिमांड हासिल,
आरोपी अन्य साथियों के साथ मिलकर प्लाट पर कब्जा करने, जबरन वसुली करने सहित चला रहे संगठित गिरोह
कैथल /14 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए थाना कलायत क्षेत्र में प्लाट पर कब्जा करने की नियत से जानलेवा हमला करने के मामले में सीआईए-1 पुलिस प्रभारी एसआई जसवंत सिंह की टीम ने आरोपी कलायत निवासी सतबीर उर्फ सोनू को काबू कर लिया है।
डीएसपी कलायत रोहताश ने जानकारी देते हुए बताया कि वार्ड नंबर 12 कलायत निवासी शीशपाल की शिकायत अनुसार वह कलायत में टायर पंचर लगाने का काम करता है। उसका रेलवे रोड कलायत पर एक खाली प्लाट था, जिसे उसने अपनी पत्नी माया देवी के साथ मिलकर दिनांक 01 जुलाई 2005 को उमेश पुत्र सुरेश निवासी मकान नंबर 1041, हुड्डा सेक्टर-19-II कैथल तथा नीना पत्नी सुभाष निवासी मकान नंबर 119-A, सनसिटी, ग्राउंड फ्लोर, कैथल को बेच दिया था।
उक्त प्लाट की रजिस्ट्री भी दोनों खरीदारों के नाम करवाई गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार भूमि की खेवट अलग होने के कारण इंतकाल उसके नाम रह गया था। उक्त प्लाट पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा करने के उद्देश्य से प्रवीण शर्मा उर्फ डुली निवासी कलायत, हाल कैथल द्वारा फर्जी बयाना तैयार किया गया था, जिसके संबंध में उसने थाना में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करवाया था। इसके अलावा उसकी पत्नी माया देवी ने भी प्लाट से संबंधित फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप में प्रवीण शर्मा उर्फ डुली पंडित, सोनू रैबारी, सलीम खान तथा राकू राणा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया हुआ है।
उक्त मुकदमों तथा प्लाट पर कब्जा करने में असफल रहने के कारण प्रवीण शर्मा उर्फ डुली पंडित, सतबीर उर्फ सोनू रैबारी, अनिल रैबारी, राकेश उर्फ राकू राणा तथा सलीम खान निवासी पिजुपुरा उसके और उसकी पत्नी के साथ रंजिश रखते हैं। प्लाट के मालिक उमेश व नीना कैथल में रहते हैं, इसलिए वह और उसकी पत्नी माया देवी प्लाट की देखभाल करते हैं। जब भी वह प्लाट पर निर्माण कार्य करवाते हैं तो आरोपियों द्वारा कथित रूप से निर्माण को नुकसान पहुंचाया जाता है। 26 जून 2026 को भी रात के समय उसकी गैरहाजिरी में प्लाट पर लगाए गए गेट व दीवार को गिरा दिया गया था।
इस संबंध में उसकी पत्नी माया देवी द्वारा थाना कलायत में मुकदमा दर्ज करवाया गया था। 1 जुलाई 2026 की रात करीब साढ़े 10 बजे वह और उसकी पत्नी माया देवी प्लाट में बैठे हुए थे। इसी दौरान सतबीर उर्फ सोनू रैबारी के साथ 2-3 अज्ञात युवक तथा 3-4 मुंह पर कपड़ा बांधे व्यक्ति खेतों की तरफ से दीवार फांदकर प्लाट में घुस आए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने दिन में किए गए निर्माण को गिरा दिया। शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी द्वारा उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी देकर मौके से चले गए।
इसके बाद रात करीब 2 बजे वह और उसकी पत्नी दोबारा मौके की ओर जा रहे थे। जब वे रेलवे रोड पर मोरवी नंदन अस्पताल के पास पहुंचे तो एक सफेद रंग की एंडेवर गाड़ी में सतबीर उर्फ सोनू रैबारी तथा एक अन्य युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने उनका रास्ता रोक लिया। सोनू रैबारी व उसके साथी को देखकर माया देवी अपनी जान बचाने के लिए मोरवी नंदन अस्पताल में चली गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने डंडे लेकर शीशपाल की तरफ दौड़ते हुए कथित रूप से उसे जान से मारने की धमकी दी। सतबीर उर्फ सोनू रैबारी ने लोहे की गोल पट्टी लगे डंडे से उसके सिर पर वार किया।
वार लगने के बाद वह अपनी जान बचाने के लिए अस्पताल की तरफ भागा, लेकिन आरोपी उसका पीछा करते रहे और उस पर डंडों से कई वार किए। हमले के दौरान वह नीचे गिर गया। शिकायतकर्ता के अनुसार नीचे गिरने के बाद भी सतबीर उर्फ सोनू रैबारी व उसके साथी ने उस पर डंडों से वार किए। जब सतबीर उर्फ सोनू रैबारी ने दोबारा उसके सिर पर डंडे से वार करने का प्रयास किया तो उसने बचाव में डंडा पकड़ लिया। शोर सुनकर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गए। हमले के बाद माया देवी व अन्य लोगों ने घायल शीशपाल को सरकारी अस्पताल कलायत पहुंचाया।
चिकित्सकों ने अधिक चोटें होने के कारण उसे सरकारी अस्पताल कैथल रेफर कर दिया। जिस बारे थाना कलायत में मामला दर्ज कर लिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी सतबीर अपने अन्य साथी प्रवीन उर्फ डुली, सलीम व अन्य के साथ मिलकर किसी कमजोर आदमी के प्लाट पर जबरन कब्जा करने, जबरन वसुली करने, धोखाधड़ी करने सहित अन्य वारदातों को अंजामम देने का एक संगठित गिरोह चला रहे है। आरोपी सतबीर पर आर्मज एक्ट, हत्या का प्रयास, जबरन वसुली, धोखाधड़ी सहित करीब 15 से अधिक मामले दर्ज है। इसके साथ साथ जांच में सामने आया है कि गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों पर कई कई मामले दर्ज है। अन्य आरोपियों कि गिरफ्तारी सहित व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का न्यायालय से 3 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।