कैथल में प्लॉट पर जबरन कब्जा करने और दीवार तोड़ने के मामले में कलायत पुलिस ने 4 आरोपी किए गिरफ्तार

कलायत पुलिस ने प्लॉट पर जबरन कब्जा करने के प्रयास, दीवार और लोहे का गेट तोड़कर नुकसान करने के मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जांच के दौरान थाना कलायत प्रभारी पीएसआई अमन की अगुवाई वाली पुलिस टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कलायत निवासी सतबीर उर्फ सोनू, अनिल, राकेश तथा पिंजुपुरा निवासी सलीम खान शामिल हैं। इन सभी आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार करके अदालत से पुलिस रिमांड हासिल किया गया था।
माया देवी की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
एसएचओ पीएसआई अमन ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि माया देवी निवासी कलायत की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता माया देवी के अनुसार, सोनू उर्फ सतवीर रबारी, सलीम खान निवासी पिंजूपुरा, प्रवीन पुत्र बिसन दत्त उर्फ डुली, राकुराणा उर्फ राकेश, अनिल रबारी तथा 5 से 7 अन्य व्यक्तियों द्वारा उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त व्यक्तियों द्वारा पहले भी इसी जमीन को लेकर मामला दर्ज करवाया गया था। आरोपी बार-बार कथित तौर पर फर्जी कागजात तैयार करके जमीन पर गैरकानूनी कब्जा करने का प्रयास करते हैं।
26 जून की शाम को दिया गया था घटना को अंजाम
शिकायत के अनुसार, 26 जून 2026 की शाम को माया देवी व उनके पति अपनी जमीन पर दीवार और लोहे का गेट लगाकर घर आ गए थे। उनके घर आने के बाद पीछे से आरोपियों ने लोहे के गेट, जिस पर ताला लगा हुआ था, तथा दीवार को तोड़कर नीचे गिरा दिया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान आरोपियों द्वारा लाखों रुपये का नुकसान किया गया है। साथ ही जमीन पर नाजायज तरीके से कब्जा करने का पूरा प्रयास किया गया था, जिस बारे में थाना कलायत में पहले ही मामला दर्ज किया गया था।
घटनास्थल की निशानदेही और गिरोह का खुलासा
सीआईए कलायत प्रभारी एएसआई मनीष कुमार तथा थाना कलायत पुलिस द्वारा शनिवार को सभी आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाया गया। पुलिस टीम द्वारा सभी आरोपियों से घटनास्थल की पूरी निशानदेही करवाई गई। इस जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि सभी आरोपी मिलकर किसी कमजोर आदमी के प्लॉट पर जबरन कब्जा करने, जबरन वसूली करने और धोखाधड़ी करने जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। आरोपी एक संगठित गिरोह चला रहे हैं और इस गिरोह के कई सदस्यों पर पहले से ही कई-कई मामले दर्ज हैं। व्यापक पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत सभी आरोपियों को न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।