कैथल में चेयरमैन और पूर्व चेयरमैन की खींचतान के कारण तीन साल से अटकी बलिदानियों की प्रतिमाओं की पेमेंट

कैथल में देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों की प्रतिमाएं लगाने का काम पूरा हो चुका है। लेकिन इन प्रतिमाओं को तैयार करने वाली एजेंसी की करीब तीन साल से पेमेंट अटकी हुई है। शुक्रवार को जिला परिषद हाउस की बैठक में यह मुद्दा बहुत जोर-शोर से उठाया गया।
कैथल में करीब पांच महीने बाद जिला परिषद की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 20 में से कुल 15 पार्षद मौजूद रहे। बैठक के दौरान वार्ड नंबर 15 के पार्षद मनीष कुमार ने यह मुख्य सवाल उठाया।
पार्षद मनीष कुमार ने उठाया पेमेंट का मुद्दा
पार्षद मनीष कुमार ने बैठक में कहा कि जिले में बलिदानियों की प्रतिमाएं लगाने का काम शुरू हुए काफी समय बीत चुका है। अब तक ग्रामीण इलाकों में कुल 25 प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं। जबकि कुल 42 प्रतिमाएं तैयार होने की बात सामने आई है।
इतने सारे काम के बावजूद संबंधित एजेंसी को उसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। पार्षद के अनुसार अब तक केवल तीन प्रतिमाओं की पेमेंट की गई है। वह पेमेंट भी पूरी नहीं दी गई है।
पूर्व चेयरमैन और मौजूदा चेयरमैन का विवाद
पार्षद मनीष कुमार ने जानकारी दी कि प्रतिमाएं लगाने का यह काम पूर्व चेयरमैन दीपक मलिक के कार्यकाल में शुरू हुआ था। यह मामला मौजूदा चेयरमैन कर्मबीर कौल के सामने भी पहले रखा जा चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को आपसी विवाद से ऊपर उठना चाहिए।
दोनों पक्षों को मिलकर एजेंसी की लंबित पेमेंट जल्द से जल्द जारी करवानी चाहिए। भुगतान नहीं होने के कारण एजेंसी का बाकी काम भी काफी प्रभावित हो रहा है। बलिदानियों के सम्मान में शुरू किए गए इस काम की पेमेंट को इस तरह लटकाना बिल्कुल भी उचित नहीं है।
चेयरमैन कर्मबीर कौल का पक्ष
यह मामला उठाए जाने पर मौजूदा चेयरमैन कर्मबीर कौल ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की पूरी जानकारी है। उनके अनुसार चेयरमैन और पूर्व चेयरमैन के बीच किसी भी तरह की कोई कंट्रोवर्सी नहीं है।
पेमेंट में कोई तकनीकी समस्या हो सकती है जिसकी वजह से देरी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच के लिए जिला परिषद के सीईओ गुलजार मलिक को निर्देश दे दिए गए हैं। जांच के बाद जो भी समस्या सामने आएगी, उसे जल्द से जल्द दूर करवाया जाएगा।
पूर्व चेयरमैन दीपक मलिक का बयान
पूर्व चेयरमैन एवं वार्ड नंबर दो के पार्षद दीपक मलिक ने भी लंबित भुगतान को जल्द जारी करने की पूरी पैरवी की। उन्होंने कहा कि देश के लिए जीवन बलिदान करने वाले शहीदों की प्रतिमाएं लगाने का काम उनके कार्यकाल में शुरू हुआ था। उस समय इस अच्छी पहल की काफी सराहना भी की गई थी।
दीपक मलिक के अनुसार गांवों में करीब 25 प्रतिमाएं स्थापित हो चुकी हैं। लगभग 22 से 23 लाख रुपये का भुगतान अभी भी लंबित पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जब सभी पार्षद भुगतान जारी करने के पक्ष में हैं तो इसे रोकने का कोई भी औचित्य नहीं बनता है।
उनका इस बात पर पूरा समर्थन है कि एजेंसी का लंबित भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए।