कैथल में जमीनी विवाद के चलते गोली मारकर हत्या करने वाले दोषी को उम्रकैद की सजा

कैथल जिले के एक पुराने हत्या मामले में जिला अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने हत्या के मामले में दोषी पाए गए जींद जिले के नरवाना निवासी जितेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपमिश मोदी की अदालत ने दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह पूरा मामला कलायत थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
हत्या की घटना और पुलिस शिकायत का विवरण
मृतक पलविंद्र की पत्नी ऊषा देवी ने चार अक्टूबर 2020 को पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, मृतक के ससुर के भाई का बेटा जितेंद्र तीन अक्टूबर को अपनी कार से उनके घर आया था। जितेंद्र ने पलविंद्र के साथ बैठकर खाना खाया था और रात को वहीं पर सोया भी था। अगली सुबह जब सबने चाय पी, तो ऊषा दूध लेने के लिए अपने देवर कर्मबीर के घर चली गई थी।
सुबह की घटना और फायरिंग का पूरा सच
जब सुबह करीब सात बजे ऊषा वापस घर लौटी, तो उसने देखा कि जितेंद्र अपनी कार का इंजन चालू किए हुए था। जब ऊषा ने उससे इस बारे में पूछा, तो जितेंद्र ने कार की बैटरी चार्ज करने की बात कही थी। इसी दौरान जितेंद्र ने अचानक पिस्तौल निकाली और घर की बैठक में बैठे पलविंद्र पर गोली चला दी। गोली लगने के कारण पलविंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। ऊषा के शोर मचाने पर आरोपी जितेंद्र अपनी कार लेकर मौके से फरार हो गया था।
पुलिस जांच और अदालत की सुनवाई
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि इस हत्या के पीछे मुख्य कारण जमीनी विवाद था। पुलिस ने आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार करके उसके खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था। अमायत कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल 23 गवाह पेश किए गए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में अधिवक्ता विकास शर्मा ने पैरवी की थी, और उन्हें अधिवक्ता सचिन जैन ने सहयोग दिया था। दोनों पक्षों की दलीलें ध्यान से सुनने के बाद अदालत ने अंततः जितेंद्र को हत्या का दोषी करार दिया।