कैथल में सरकार के आदेश के बावजूद पटवारी ड्यूटी पर नहीं लौटे, पटवारखानों पर लटके रहे ताले

कैथल में 27 अगस्त को प्रदेश सरकार की ओर से नए पटवारियों को ड्यूटी पर लौटने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद कैथल में पटवारियों ने काम शुरू नहीं किया है। गुरुवार को पटवारियों ने अपनी हड़ताल जारी रखी। पटवारियों ने लघु सचिवालय में इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरे जिले में पटवारखाने बंद रहे और कार्यालयों पर ताले लटके हुए दिखाई दिए। नए पटवारियों में से भी कोई भी कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। हड़ताल स्थल पर सभी पटवारियों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया।
पटवारियों और सरकार के बीच बैठक प्रस्तावित
पटवार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र खटकड़, बलिंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, सुखविंद्र सिंह और रामनिवास ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि कैथल सहित पूरे प्रदेश में करीब सात दिन से पटवारखानों पर ताले लगे हुए हैं। सरकार ने नए पटवारियों को काम पर लौटने के निर्देश दिए हैं। लेकिन पटवारी किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संगठन की सरकार के साथ एक बैठक प्रस्तावित है। यदि इस बैठक में मांगों पर सहमति बनती है तो आगे का रास्ता निकलेगा। यदि वार्ता विफल रहती है तो हड़ताल को आगे जारी रखने को लेकर संगठन आगामी निर्णय लेगा।
राजस्व विभाग के पोर्टल में खामियों का आरोप
पटवारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि राजस्व विभाग के पोर्टल में अभी भी कई प्रकार की खामियां बनी हुई हैं। आईटी टीम की ओर से पोर्टल को दुरुस्त करने के लगातार दावे किए जा रहे हैं। लेकिन धरातल पर स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार पोर्टल पर अभी भी इंतकाल गलत दर्ज हो रहे हैं। जमीन के हिस्से और मालिकों के नाम भी सही तरीके से प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। पटवारियों का कहना है कि जब तक पोर्टल सही तरीके से काम नहीं करता है, तब तक उनका यह विरोध जारी रहेगा।
सरकार पर गंभीर न होने का आरोप और अधिकारियों का बयान
प्रदेश प्रचार सचिव सुखविंदर सिंह ने कहा कि गिरदावरी का समय अब समाप्त होने वाला है। लेकिन सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहे तो अन्य राज्यों की तर्ज पर डीसीएस का काम किसी निजी एजेंसी से करवा सकती है। हड़ताल को लेकर जिला राजस्व अधिकारी चंद्र मोहन ने बयान दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई भी पत्र उनके पास नहीं आया है। सरकार की ओर से जो भी नए आदेश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।