कैथल में पटवारियों की हड़ताल जारी, पटवार भवन पर लटके ताले और इंतकाल समेत सभी काम ठप

कैथल में साफ्टवेयर और डीसीएस के विरोध में पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा की ओर से शुरू की गई हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। पटवारियों ने लघु सचिवालय परिसर में धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस हड़ताल के चलते जिलेभर के पटवार भवनों पर दिनभर ताले लटके रहे।
प्रभावित हुए जरूरी काम
इस हड़ताल के कारण इंतकाल, जाति प्रमाण पत्र, डोमेसाइल, रजिस्ट्री और लोन लेन-देन से संबंधित रिपोर्ट सहित कई जरूरी काम पूरी तरह प्रभावित हुए। काम के लिए पटवारियों के कार्यालय पहुंचे आम लोग ताले देखकर वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को इस दौरान सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों को उठानी पड़ी भारी परेशानी
कई लोग अपना किराया खर्च कर जरूरी दस्तावेजों से संबंधित काम करवाने के लिए पहुंचे थे। कार्यालय बंद होने के कारण उन्हें बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा। लोगों का कहना है कि लगातार चल रही इस हड़ताल के कारण उनके जरूरी काम अटक रहे हैं। लोगों का यह भी कहना है कि प्रशासन को आम जनता की परेशानी को देखते हुए तुरंत कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
धरने की अध्यक्षता और नेताओं के बयान
इस धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सुरेंद्र खटकड़ ने की। उन्होंने कहा कि पोर्टल में आ रही तकनीकी खामियों के कारण इंतकाल दर्ज करने में बहुत दिक्कत आ रही है। कई मामलों में न तो हिस्से सही दर्ज हो रहे हैं और न ही मालिकों के नाम सही आ पा रहे हैं। इन तकनीकी खामियों का खामियाजा सीधा पटवारियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पोर्टल को ठीक ढंग से संचालित नहीं किया जाता, तब तक उनका यह विरोध लगातार जारी रहेगा।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
प्रदेश प्रचार सचिव सुखविंदर सिंह ने कहा कि सरकार को पोर्टल की सभी खामियों को जल्द से जल्द दूर करना चाहिए। उन्होंने डीसीएस का काम किसी प्राइवेट एजेंसी से करवाने के आदेश को तुरंत वापस लेने की जोरदार मांग की। महासचिव बलिंद्र सिंह ने भी पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग उठाई। इसके अलावा एसकेएस प्रधान ओमपाल भाल ने भी पटवारियों की इन सभी मांगों का पूर्ण समर्थन किया।
कितना कार्य हुआ प्रभावित
एक अनुमान के मुताबिक पटवारियों की इस हड़ताल से जिले में भारी पैमाने पर कामकाज अटका है। इससे जिले में करीब पांच हजार इंतकाल, 1500 के करीब जाति व डोमेसाइल प्रमाण पत्र का काम अटका है। इसके अलावा करीब 450 रजिस्ट्रियां और 500 के करीब लोन लेन-देन से संबंधित रिपोर्ट का काम भी पूरी तरह प्रभावित हुआ है। इन सबके साथ राजस्व विभाग से जुड़े अन्य तमाम जरूरी कार्य भी पूरी तरह से अटक गए हैं।