कैथल में पटवारियों की चार दिवसीय हड़ताल शुरू, पटवार भवन पर ताले लटके, रजिस्ट्रियां और इंतकाल अटके

कैथल जिले में पटवारियों की चार दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। पटवारियों की इस हड़ताल के शुरू होते ही राजस्व से जुड़े सभी कामकाज पूरी तरह से ठप हो गए हैं। गुरुवार को जिलेभर में पटवार भवनों पर ताले लटके रहे। काम कराने के लिए दूर-दूर से पटवार भवन पहुंचे आम लोगों को बिना अपना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ा। फरद काउंटर पूरी तरह से बंद रहने के कारण जमीनों की रजिस्ट्रियों का महत्वपूर्ण काम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
लघु सचिवालय में जताया रोष और अटके कामकाज
रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनਰ तले जिले के सभी पटवारी लघु सचिवालय में एकत्रित हुए। पटवारियों ने हड़ताल के समर्थन में जमकर अपना रोष जताया। पटवारियों के काम पर नहीं आने के कारण आम जनता के कई जरूरी काम रुक गए हैं। इंतकाल, फरद, जाति प्रमाण पत्र, डोमिसाइल और जमीन से संबंधित विभिन्न प्रकार की रिपोर्टों का काम पूरी तरह से अटक गया है.
लंबित कार्यों की लंबी सूची और जनता की परेशानी
जानकारी के अनुसार इस समय जिले में करीब पांच हजार इंतकाल लंबित पड़े हैं। इसके अलावा करीब 150 रजिस्ट्रियां, एक हजार फरद, एक हजार जाति प्रमाण पत्र व डोमिसाइल का काम अटका हुआ है। बैंक लोन से संबंधित करीब 500 रिपोर्टों का काम भी रुक गया है। पटवार भवन में अपना काम कराने पहुंचे आम लोगों ने मीडिया को बताया कि इस हड़ताल के कारण उन्हें बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना था कि शुक्रवार के बाद आगे दो दिन का सरकारी अवकाश यानी छुट्टी है। ऐसे में यदि आने वाले सोमवार को भी पटवारियों की यह हड़ताल जारी रहती है, तो काम के लिए सरकारी दफ्तरों में आने वाले आम लोगों की परेशानी और अधिक बढ़ सकती है।
प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग और वर्तमान स्थिति
परेशान लोगों ने जिला प्रशासन से यह मांग की है कि इस हड़ताल के दौरान तुरंत कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। ताकि जरूरी राजस्व कार्यों को पूरा करने के लिए आम जनता को यहां-वहां भटकना न पड़े। पटवारियों की इस चार दिन की लंबी हड़ताल के कारण इंतकाल, रजिस्ट्रियां, फरद, जाति प्रमाण पत्र, डोमिसाइल और जमीन से संबंधित सभी रिपोर्टों का काम लगातार प्रभावित रहेगा। जिले में वर्तमान समय में कुल 141 पटवारी और 15 कानूनगो अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पटवारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण पहले से ही लंबित पड़े राजस्व कार्यों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना बनी हुई है। खासकर रजिस्ट्री, इंतकाल और बैंक लोन से जुड़े जरूरी मामलों के लिए अब आम लोगों को अपना काम पूरा होने के वास्ते इस हड़ताल के खत्म होने का लंबा इंतजार करना पड़ेगा।