कैथल: प्लाट का सौदा कर 8 लाख रुपये बयाना लेने के बाद भी नहीं कराई रजिस्ट्री, तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

कैथल: प्लाट का सौदा कर 8 लाख रुपये बयाना लेने के बाद भी नहीं कराई रजिस्ट्री, तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

कैथल /27 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

कैथल जिले में प्लाट बेचने का सौदा करने के बाद आठ लाख रुपये बयाना लेने के बावजूद रजिस्ट्री से मुकरने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी पक्ष पर तय तारीख पर तहसील कार्यालय न पहुंचने और बाद में रुपये लौटाने से भी साफ इनकार करने का गंभीर आरोप लगा है। यह पूरी घटना कैथल क्षेत्र से जुड़ी है जहां पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपनी जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ सौदा

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गांव किठाना निवासी वेदपाल ने पुलिस को दी गई अपनी आधिकारिक शिकायत में बताया कि उसकी जनकपुरी कॉलोनी निवासी भीम सिंह के साथ पुरानी जान-पहचान थी। इसी पुरानी जान-पहचान के चलते भीम सिंह ने उसे 200 वर्ग गज का एक प्लाट दिखाया था। भीम सिंह ने वेदपाल से उस प्लाट को बेचने की बात कही थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच 6900 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से कुल सौदा तय हुआ था। इस तय सौदे के बाद ब्याने के तौर पर वेदपाल ने आरोपियों को कुल आठ लाख रुपये नकद दे दिए थे। इस प्लाट की रजिस्ट्री करवाने के लिए एक जून की तारीख तय की गई थी।

तय तारीख पर तहसील नहीं पहुंचे आरोपी और फोन पर किया इनकार

वेदपाल के अनुसार तय की गई तारीख के दिन वह रजिस्ट्री के लिए जरूरी सभी आवश्यक दस्तावेज और प्लाट की बाकी बची हुई रकम लेकर राजौंद तहसील कार्यालय पहुंच गया था। वेदपाल ने वहां काफी देर तक इंतजार किया, लेकिन काफी इंतजार करने के बाद भी आरोपी तहसील कार्यालय नहीं पहुंचे। जब वेदपाल ने आरोपियों को फोन किया तो उन्होंने तहसील आने से साफ इनकार कर दिया और कोई ना कोई बहाना बना दिया। इसके बाद इस पूरे मामले को आपस में सुलझाने के लिए कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन आरोपी हर बार ही रजिस्ट्री करवाने या फिर वेदपाल के रुपये वापस लौटाने के मामले में लगातार टालमटोल करते रहे।

निर्माण कार्य देखकर चला ठगी का पता और दी जान से मारने की धमकी

शिकायतकर्ता वेदपाल ने पुलिस को बताया कि तीन जुलाई को उसे यह जानकारी मिली कि उस प्लाट पर निर्माण कार्य चल रहा है। जब उसने मौके पर जाकर इसकी जांच की तो उसे पता चला कि वह प्लाट असल में भीम सिंह के नाम पर नहीं था, बल्कि वह प्लाट भीम सिंह की पत्नी संतोष के नाम पर दर्ज था। इसके बाद ही उसे अपने साथ कथित तौर पर हुई ठगी की असलियत का पूरी तरह पता चला। इस मामले में यह भी आरोप है कि तीनों आरोपियों ने आपस में मिलीभगत करके प्लाट बेचने के नाम पर उससे आठ लाख रुपये ले लिए थे। इस धोखाधड़ी के सामने आने के बाद मामले को लेकर दोबारा से पंचायत बुलाई गई, लेकिन इस बार भी आरोपियों ने वेदपाल के रुपये वापस करने से बिल्कुल मना कर दिया। शिकायतकर्ता का यह भी गंभीर आरोप है कि जब उसने इस बारे में पुलिस में शिकायत दी तो उसे आरोपियों की तरफ से जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसी वजह से शिकायतकर्ता वेदपाल और उसके पूरे परिवार को अब उन आरोपियों से अपनी जान का लगातार खतरा बना हुआ है।

पुलिस ने डीएसपी जांच के बाद दर्ज किया मामला

इस पूरे मामले की शिकायत की डीएसपी स्तर पर प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद राजौंद थाना पुलिस ने आखिरकार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में जनकपुरी कॉलोनी निवासी भीम सिंह, उसकी पत्नी संतोष और उनके बेटे मंजीत के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस पूरे मामले की आगे की जांच की जिम्मेदारी पुलिस ने पीएसआई रोहित को सौंपी है। फिलहाल पुलिस इस मामले में पैसों के लेन-देन, प्लाट के असली स्वामित्व और रजिस्ट्री से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच-पड़ताल कर रही है।

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