कैथल में मंडवाल माइनर के पास पुलिस मुठभेड़: सरकारी पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश कर रहा वांछित आरोपी घायल, पैर में लगी गोली

मंडवाल माइनर पर पुलिस टीम से मुठभेड़ के दौरान वांछित आरोपी घायल होकर काबू,
पुलिस कर्मचारी का सरकारी पिस्टल छीनकर फरार होने का प्रयास, पुलिस टीम पर किया फायर; आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के बाएं पैर में लगी गोली,
आरोपी के खिलाफ पहले दर्ज है लूट, स्नेचिंग, आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमला करने के करीब 6 मामले
कैथल /18 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
कैथल पुलिस को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सरकारी अस्पताल में दो युवकों पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में वांछित आरोपी को उत्तर प्रदेश के शामली क्षेत्र से गिरफ्तार करके कैथल लाया जा रहा था। इसी दौरान मंडवाल माइनर, असंध रोड राजौंद के पास आरोपी ने पुलिस कर्मचारी का सरकारी पिस्टल छीनकर पुलिस हिरासत से फरार होने का प्रयास किया। आरोपी ने पीछा कर रही पुलिस टीम पर पिस्टल से फायर कर दिया था। पुलिस द्वारा आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन आरोपी ने पेड़ों की आड़ से पुलिस टीम पर लगातार फायरिंग की। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी और उसे काबू कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ पहले से लूट, स्नेचिंग, आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमला करने के करीब 6 मामले दर्ज हैं।
घटना की विस्तृत जानकारी और डीएसपी का बयान
डीएसपी सुशील प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि कल सरकारी अस्पताल कैथल में क्योड़क निवासी कुलदीप व अभिषेक पर क्योड़क निवासी गोविन्द तथा गयोंग निवासी गोकन ने चाकूओं से जानलेवा हमला किया तथा फरार हो गए थे। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार आरोपियों को काबू करने के लिए कुल 6 पुलिस टीमें लगाई गई थीं। सीआईए-1 इंचार्ज सब इंस्पेक्टर जसवंत सिंह की टीम द्वारा मामले में वांछित आरोपी गोविन्द निवासी क्योड़क को कल रात को गांव चौंतरा, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार करके पुलिस टीम उसको कैथल ला रही थी। पुलिस टीम जब करीब रात 2:30 बजे मंडवाल माइनर के पास पहुंची, तो वहां स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट के एएसआई तरसेम की टीम नाकाबंदी पर मौजूद थी। इसी दौरान दोनों पुलिस टीमों द्वारा उक्त अभियोग में वांछित अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में आपस में विचार-विमर्श किया जा रहा था।
पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास और मुठभेड़
इसी दौरान सरकारी बोलेरो में पीछे बैठे आरोपी गोविन्द ने मौका पाकर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारी के गन होल्डर में लगी सरकारी पिस्टल झपटकर छीन ली। आरोपी ने सरकारी वाहन की पिछली खिड़की खोलकर भागने का प्रयास किया। पुलिस कर्मचारियों ने उसका पीछा करते हुए उसे रुकने की आवाज लगाई, लेकिन आरोपी ने पुलिस कर्मचारी से छीने गए सरकारी पिस्टल से पुलिस पार्टी की ओर सीधा फायर कर दिया। गोली सरकारी वाहन के पिछले हिस्से में लगी, जबकि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। घटना के तुरंत बाद पुलिस टीमों ने आरोपी को काबू करने के लिए पीछा किया। आरोपी मंडवाल माइनर के रजबाहे की पटरी पर पेड़ों की आड़ में छिप गया था। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को बिना किसी जान-माल के नुकसान के काबू करने के उद्देश्य से उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई।
जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल और अस्पताल में भर्ती
पुलिस द्वारा हवाई फायर कर आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद आरोपी ने पेड़ों की आड़ से पुलिस पार्टी की ओर लगातार सीधे फायर करना शुरू कर दिया था। एसआई जसवंत सिंह तथा एएसआई तरसेम कुमार द्वारा आत्मरक्षा में आरोपी को काबू करने के लिए नियंत्रित जवाबी फायर किया गया। जवाबी कार्रवाई में आरोपी गोविन्द के बाएं पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर नीचे गिर गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को काबू किया तथा उसके पास से पुलिस कर्मचारी से छीना गया सरकारी पिस्टल भी बरामद कर लिया। घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने, पुलिस अभिरक्षा से भागने और पुलिस कर्मचारी से पिस्टल छीनने के आरोपों के तहत थाना राजौंद में नया मामला दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ कैथल, कुरुक्षेत्र और गन्नौर में पहले भी लूट, स्नैचिंग, आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमला करने के करीब 6 मामले दर्ज हैं।