कैथल: सात साल की बच्ची के रेप और मर्डर केस में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला, दोषी पवन की फांसी की सजा उम्रकैद में बदली

कैथल में सात साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी पवन की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है। हालांकि, अदालत ने सजा में कड़ी शर्तें लगाई हैं जिसके तहत दोषी को कम से कम 50 साल की वास्तविक जेल की सजा पूरी करनी होगी। इसके अलावा दोषी पर 73 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। यह सारी राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
घटना की पृष्ठभूमि और बरामदगी
यह दर्दनाक मामला 8 अक्टूबर 2022 का है। कलायत क्षेत्र के एक गांव में सात साल की बच्ची दोपहर के समय सरकारी स्कूल के पास से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों और ग्रामीणों द्वारा काफी तलाश करने के बाद अगले दिन दोपहर करीब ढाई बजे उसका अधजला शव गांव के खेल स्टेडियम के पास झाड़ियों में बरामद हुआ था। पुलिस के अनुसार बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या की गई थी। पहचान और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को पेट्रोल डालकर जलाने का भी प्रयास किया गया था।
जांच में हुआ था बड़ा खुलासा
पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि बच्ची आरोपी पवन को पहले से अच्छी तरह जानती थी और उसके पास खेलने के लिए आती थी। इसी बात का फायदा उठाकर आरोपी उसे कुछ खिलाने के बहाने खेल स्टेडियम की तरफ ले गया था। वहां उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची ने शोर मचाया तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी कहीं से पेट्रोल लेकर आया और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को आग लगाने की कोशिश की थी।
पुलिस कार्रवाई और सीसीटीवी फुटेज
बच्ची के अचानक लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस विभाग ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया था। तत्कालीन एसपी मकसूद अहमद ने इस सनसनीखेज मामले की जांच के लिए कई पुलिस टीमों को लगाया था। इसी दौरान पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज लगी जिसमें एक युवक उस बच्ची को अपने साथ ले जाता हुआ साफ दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों को वह फुटेज दिखाने पर उस युवक की पहचान गांव के ही रहने वाले पवन के रूप में हुई थी। पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके खिलाफ दुष्कर्म, हत्या, अपहरण, सबूत मिटाने और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।