कैथल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से नगर परिषद का कामकाज ठप, सड़कों पर पसरी भारी गंदगी

कैथल में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था के साथ-साथ सरकारी कामकाज पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार को नगर परिषद कार्यालय के तीनों गेट पूरी तरह से बंद रहे, जिसके चलते विभिन्न जरूरी कामों के लिए पहुंचे लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा। कार्यालय के चक्कर काट रहे आम लोगों में इस स्थिति को लेकर खासा रोष दिखाई दिया है।
कामकाज और जरूरी सेवाएं प्रभावित
लोगों के अनुसार सफाई कर्मचारियों की यह हड़ताल पिछले छह अगस्त से लगातार चल रही है। इस हड़ताल का असर जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, डोमिसाइल, आधार कार्ड और विवाह पंजीकरण सहित कई जरूरी सेवाओं पर बहुत अधिक पड़ा है। बताया जा रहा है कि इस समय करीब 1000 जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, 700 डोमिसाइल, 1200 आधार कार्ड और लगभग 300 विवाह पंजीकरण से जुड़े मामले पूरी तरह से अटके हुए हैं। वहीं प्रापर्टी टैक्स जमा न होने के कारण नगर परिषद को करीब 25 लाख रुपये के राजस्व का बड़ा नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
शहर में फैली गंदगी और कचरे के ढेर
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सबसे बड़ा और बुरा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। कुल 31 वार्डों वाले कैथल शहर में रोजाना लगभग 100 से 120 टन कचरा निकलता है। नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण अब शहर के वार्डों, बाजारों और मुख्य मार्गों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर दिखाई देने लगे हैं। कई जगहों पर बेसहारा गोवंश भी खुले में पड़े कचरे में मुंह मारते हुए नजर आ रहे हैं।
प्रभावित मुख्य क्षेत्र और मार्ग
चंदाना गेट, पुराना बस अड्डा मार्ग, करनाल रोड, ढांड रोड, अर्जुन नगर, मॉडल टाउन रोड, जींद रोड, सेक्टर-19, कुतुबपुर रेलवे फाटक रोड, राम नगर, कबूतर चौक-सब्जी मंडी रोड और रेलवे गेट के आसपास भारी गंदगी फैलने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह हड़ताल जल्द ही खत्म नहीं हुई, तो आने वाले समय में शहर की स्थिति और भी अधिक बिगड़ सकती है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप सोलंकी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए प्रशासन की तरफ से अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी कार्यालय में लगाई गई है, ताकि आम लोगों को जरूरी सेवाओं के लिए अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।