कैथल में बर्खास्तगी और निलंबन के विरोध में सड़कों पर उतरे नगरपालिका सफाई कर्मचारी, विधायक के साथ किया प्रदर्शन

कैथल में बर्खास्तगी और निलंबन के विरोध में सड़कों पर उतरे नगरपालिका सफाई कर्मचारी, विधायक के साथ किया प्रदर्शन

कैथल में नगरपालिका कर्मचारी संघ की हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर की गई बर्खास्तगी और निलंबन की कार्रवाई को लेकर विरोध काफी तेज हो गया है। मंगलवार को सफाई कर्मचारियों ने सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले कमेटी चौक पर एक बड़ा प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी कर्मचारी कैथल के कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला के साथ मिलकर लघु सचिवालय पहुंचे।वहां पहुंचकर कर्मचारियों ने बर्खास्तगी और निलंबन के आदेशों की प्रतियां जलाईं और अपना कड़ा विरोध जताया।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था। ऐसे शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच कर्मचारियों पर इस तरह की कार्रवाई करना बिल्कुल भी उचित नहीं है। कर्मचारियों ने कांग्रेस विधायक के सामने भी अपनी सभी मांगें रखीं। उन्होंने सरकार से तत्काल बातचीत करने और इस मामले का कोई ठोस समाधान निकालने की मांग की।

कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार कैथल में हड़ताल के दौरान अब तक करीब 60 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। इनमें नगरपालिका कर्मचारी संघ के ब्लॉक प्रधान महेंद्र को भी नोटिस जारी किया गया था। नोटिस मिलने के बावजूद ड्यूटी पर वापस नहीं लौटने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वहीं महिला प्रधान वर्षा, विक्की, आकाश, अजय, शकुंतला और सीतो सहित कई अन्य कर्मचारियों को भी बर्खास्त कर दिया गया है।

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कर्मचारियों का यह कहना है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से उनका रोष और अधिक बढ़ गया है। इसी बढ़े हुए रोष के विरोध में मंगलवार को बर्खास्तगी और निलंबन के इन आदेशों की प्रतियां सार्वजनिक रूप से जलाई गईं। नगर पालिका कर्मचारियों की इस हड़ताल का साफ असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। शहर के बाजारों, प्रमुख रास्तों और रेलवे गेट के आसपास भी कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। शहर की कई सड़कों और सार्वजनिक आम स्थानों पर भारी गंदगी जमा होने के कारण आम लोगों को बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तब तक उनकी यह हड़ताल लगातार जारी रहेगी और कोई भी सफाई कार्य नहीं किया जाएगा।

नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य मुख्य संगठनकर्ता, सर्व कर्मचारी संघ کے जिला सचिव शिवचरण और सचिव विक्की टांक ने इस बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पहले भी एक लंबा आंदोलन किया था। उन्होंने बताया कि 13 मार्च को हरियाणा भवन, चंडीगढ़ में एक बहुत महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। यह बैठक विभागीय मंत्री विपुल गोयल और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर की अगुवाई में अधिकारियों और संघ की राज्य कमेटी के बीच हुई थी जो करीब छह घंटे तक चली थी।

कर्मचारी नेताओं के मुताबिक उस बैठक में सभी मांगों को लेकर पूरी सहमति बन गई थी। अधिकारियों द्वारा यह आश्वासन भी दिया गया था कि 20 जून तक इससे संबंधित सभी परिपत्र जारी कर दिए जाएंगे। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद मुख्य मांगों से संबंधित कोई भी परिपत्र जारी नहीं किए गए। कर्मचारी नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान अब तक सफाई, सीवर और फायर विभाग के किसी भी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने अंत में सरकार से मुख्य रूप से यह मांग की कि बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को तुरंत बहाल किया जाए, निलंबन के सभी आदेश वापस लिए जाएं और उनकी सभी लंबित मांगों को जल्द से जल्द लागू किया जाए।

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