कैथल में हड़ताली सफाई कर्मियों ने सड़कों पर बिखेरा कचरा, आमजन हुआ परेशान और शहर की व्यवस्था चरमराई

कैथल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराने लगी है। छह अगस्त से जारी हड़ताल को कर्मचारियों ने अब 24 अगस्त तक बढ़ा दिया है। सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण शहर के कई हिस्सों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पिछले दो दिन से कचरा उठान नहीं होने के कारण शहर में करीब 400 टन कचरा जमा होने का अनुमान लगाया गया है।
सड़कों पर कचरा बिखेरने से बढ़ी परेशानी
शनिवार को स्थिति उस समय और अधिक बिगड़ गई जब डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए निकले वाहनों को सफाई कर्मचारियों ने कई स्थानों पर रोक दिया। माता गेट, पिहोवा चौक, कमेटी चौक और अंबाला रोड समेत अन्य स्थानों पर कर्मचारियों ने कचरा उठान का कड़ा विरोध किया। कुछ जगहों पर कचरे से भरी गाड़ियों को रोककर सड़क पर ही कचरा बिखेर दिया गया। इससे आम राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कचरे से उठ रही तेज बदबू के कारण लोग अपने मुंह पर कपड़ा रखकर वहां से गुजरते हुए नजर आए।
बीमारियों और संक्रमण का खतरा
शहर के मुख्य मार्गों और बाजारों के अलावा अब खाली प्लॉटों में भी कचरा जमा होने लगा है। कचरे के इन ढेरों में आवारा पशु और कुत्ते मुंह मार रहे हैं, जिससे संक्रमण और गंभीर बीमारियां फैलने की आशंका काफी बढ़ गई है। शहर में प्रतिदिन लगभग 100 से 120 टन कचरा निकलता है। इस प्रकार लगातार कचरे का उठान नहीं होने से यह समस्या बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है।
शहर के इन प्रमुख स्थानों पर लगे कचरे के ढेर
माता गेट, पिहोवा चौक, अंबाला रोड, पटियाला रोड, खनौरी बाइपास, करनाल रोड, चंदाना गेट और पुराना बस अड्डा क्षेत्र में कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही ढांड रोड, अर्जुन नगर, माडल टाउन, जींद रोड, सेक्टर-21, कुतुबपुर रेलवे फाटक रोड, राम नगर, कबूतर चौक सब्जी मंडी रोड और रेलवे गेट के आसपास भी भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया है।
नगर परिषद कार्यालय में भी कामकाज ठप
हड़ताल का असर केवल शहर की सफाई व्यवस्था तक ही सीमित नहीं है। नगर परिषद कार्यालय में भी पिछले करीब 16 दिनों से कामकाज पूरी तरह से प्रभावित चल रहा है। विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों और नगर परिषद से जुड़े अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने वाले लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि करीब 1300 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, 1200 डोमिसाइल और 400 विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र लंबित पड़े हैं। इसके अलावा शहर के विकास कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण काम भी पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
अन्य नगर पालिकाओं में भी दिख रहा है असर
सफाई कर्मचारियों की इस हड़ताल का असर केवल नगर परिषद कैथल तक ही सीमित नहीं है। यह असर सीवन, कलायत, गुहला-चीका, पूंडरी और राजौंद की नगर पालिकाओं में भी देखने को मिल रहा है।
प्रशासन का पक्ष
जिला पालिका आयुक्त कपिल शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कचरा उठान को लेकर संबंधित एजेंसी के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के इस पूरे मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी लाया गया है। उच्च स्तर से जैसे ही नए आदेश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।