kalayat-शमशानघाट के रास्ते में मिट्टी भराव को लेकर दो पक्षों में भारी तनाव 

शमशानघाट के रास्ते में मिट्टी भराव को लेकर दो पक्षों में भारी तनाव
मानवाधिकार आयोग द्वारा दिए गए थे आदेश
दूसरे पक्ष का कहना शमशानघाट की अलग है 2.5 एकड़ जमीन
अटल हिंद /तरसेम चंद
KALAYAT-मानव अधिकार आयोग के आदेश पर शमशान भूमि के रास्ते पर मिट्टी भराव को लेकर उपमंडल के गांव कमालपुर के दो बिरादरी के लोगों में जबरदस्त तनाव की स्थिति बन गई। मानव अधिकार आयोग के आदेश पर शमशान भूमि के रास्ते पर मिट्टी भराव के लिए डीसी सुजान सिंह के निर्देश पर ड्यूटि मैजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह को नियुक्त किया गया था जबकि पंचायत विभाग के साथ साथ थाना प्रभारी बिलाशा राम के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

 

प्रशासन द्वारा दोनों बिरादरियों के मिट्टी भराव को लेकर उग्र हुुए लोगों के आमने सामने आने पर फिलहाल शमशान घाट के रास्ते पर मिट्टी डालने का कार्य स्थगित कर दिया गया। मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर्ता कमालपुर निवासी देवी प्रसन्न के अलावा रघुवीर शर्मा, राजेश शर्मा, महिपाल, कंवरपाल, रामरूप, महेंद्र मनीराम ने बताया कि करीब 400 वर्ष से अधिक समय से सभी बिरादरी के लोगों का मृत्यु होने पर दाह संस्कार के लिए तालाब के किनारे कुटिया के पास एक मात्र शमशान घाट है जिसके आसपास कुछ लोगों द्वारा जानबूझ कर पानी छोड़ा जा रहे हैं।

 

पानी छोड़े जाने के कारण शमशानघाट के आस पास कई कई फुट पानी जमा हो गया है। उन्होंने बताया कि शमशान घाट में मृतक का दाह संस्कार करने के लिए पानी में से निकलकर जाना पड़ता है जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर कई वर्षों से संबंधित विभाग के अधिकारियों को बार बार गुहार लगाई गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि पंचायत द्वारा खानापूर्ति के नाम पर टेंडर भी जारी किए गए लेकिन मिट्टी भराव नहीं किया गया। आदेशों की अवहेलना को  लेकर वे 11 मार्च को डीसी के समक्ष पेश हुए तथा उन्होंने मानवाधिकार आयोग के निर्देशों की पालना के लिए 3 दिनों में मिट्टी भराव के आदेश जारी किए गए थे लेकिन प्रशासन द्वारा आज भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

 

गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों सज्जन ठेकेदार, संदीप, बसाऊ राम, राजेश, बलकार व दूसरे लोगों का कहना है कि कुछ लोगों द्वारा विवादस्पद शमशानघाट के रास्ते के नाम पर मिट्टी डाली जा रही है वह रिकार्ड के अनुसार गन्ने का कोल्हू व तालाब की जमीन है। उनका कहना है कि इस जगह से कुछ दूरी पर दाह संस्कार के लिए शमशानघाट की 2.5 एकड़ जमीन है तथा उस पर सौंदर्यीकरण के लिए लाखों रुपए की राशि भी जारी हों चुकी है। उनका कहना है कि जिस जमीन पर कुछ लोग दाह संस्कार कर रहे हैं वह बस्ती के नजदीक होने के साथ साथ तालाब का पानी भी दूषित हो रहा है। विवादस्पद शमशानघाट की जमीन को लेकर समाचार लिखे जाने तक तनाव बरकरार था।
दोनो पक्षों में तनाव को  देखते हुए स्थगित की मिट्टी डालने की कार्रवाई: नायब तहसीलदार
ड्यूटि मैजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह ने कहा कि डीसी सुजान सिंह के आदेशानुसार रास्ते में मिट्टी डालने के लिए पुलिस व पंचायत विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मिट्टी के भराव के लिए ट्रैक्टर-ट्राली से मिट्टी भी मंगवा ली गई थी लेकिन दोनों पक्षों में तनाव को देखते हुए फिलहाल मिट्टी डालने का कार्य स्थगित कर दिया गया है। मामले की पूरी जानकारी उच्च अधिकारियों को बता दी गई है।

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