कुरुक्षेत्र में हर हर महादेव सेवा मंडल का 7वां कांवड़ सेवा शिविर शुरू, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने की युवाओं की सराहना

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में सावन महीने के दौरान कांवड़ियों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है। जगह-जगह पर शिव भक्तों के लिए कांवड़ सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पुराने बस स्टैंड के सामने हर हर महादेव सेवा मंडल की ओर से 7वां कांवड़ सेवा शिविर लगाया गया है। इस शिविर में कांवड़ लेकर पहुंचने वाले सभी शिव भक्तों के लिए 24 घंटे भोजन, प्रसाद, मेडिकल सेवा और विश्राम की पूरी व्यवस्था की गई है।
शिविर में सोमवार के दिन गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज कांवड़ियों को अपना आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे। उनके यहां पहुंचने पर शिविर के आयोजकों की तरफ से उनका भव्य स्वागत किया गया और सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न भेंट किया गया। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने शिव भक्तों की सेवा में दिन-रात जुटे हुए युवाओं की खुलकर सराहना की।
युवाओं की ऊर्जा का सार्थक उपयोग
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने आर्शीवचन में कहा कि सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा का यह भाव धार्मिक आस्था के साथ-साथ पूरे समाज के लिए प्रेरणा देने वाला है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र के युवाओं में सेवा को लेकर चेतना जागना बहुत अच्छी बात है। युवाओं के पास असीम ऊर्जा और क्षमता दोनों चीजें मौजूद हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जरूरत इस बात की है कि इस ऊर्जा को इधर-उधर भटकाने या फिर नशे जैसे गलत कामों में लगाने की बजाय किसी अच्छे और सार्थक काम में लगाया जाए। कांवड़ सेवा शिविर में युवा जिस तरह से दिन-रात सेवा के कामों में जुटे हुए हैं, वह दूसरे युवाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है। इससे सभी युवाओं को अपनी क्षमता को सकारात्मक दिशा में लगाने का पूरा अवसर मिलता है।
धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन
स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि कुरुक्षेत्र जैसे पवित्र धर्म क्षेत्र में जगह-जगह पर कांवड़ सेवा शिविर लगना इस आस्था को और अधिक मजबूत करता है। जब आम लोग अपनी सुविधा को छोड़कर दूसरे लोगों की सेवा करने के लिए आगे आते हैं, तो इससे समाज में सेवा भावना को और अधिक व्यापकता मिलती है। कांवड़ियों के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था करना केवल एक धार्मिक आयोजन भर नहीं है, बल्कि यह समाज में सेवा और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने का मुख्य माध्यम भी है।
इस आयोजन से पहले रविवार की रात को पूर्व मंत्री एवं थानेसर के विधायक अशोक अरोड़ा ने भी इस शिविर में पहुंचकर भोले नाथ की संध्याकालीन आरती में पूरी श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया था। सेवा मंडल की तरफ से शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर एक शानदार जागरण का आयोजन भी किया गया था।
आयोजकों की ओर से शिविर के दौरान एक रक्तदान शिविर भी लगाया गया, जिसमें 70 से ज्यादा रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। आयोजकों का यह कहना है कि कांवड़ सेवा के साथ-साथ अन्य सभी धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को सेवा कार्यों से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर बलबीर डाबरिया, भूपेन्द्र भीम, विवेक भारद्वाज डब्बू, वैभव गर्ग, नंद लाल यादव, सुरेंद्र सैनी बंटी अरोड़ा, साहिल, अशोक सुधा, साहिल गर्ग, शगुन, आर्य, नरेश, संजीव सीकरी, अशोक मेहता, ध्रुव, राजेंद्र चोपड़ा, चंद्र प्रकाश, उपवन, चिराग सेतिया, अभय अरोड़ा, संदीप गौड़ और प्रदीप यादव सहित अन्य कई श्रद्धालु विशेष रूप से मौजूद रहे।