गोमुख और हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गांवों पहुंचे शिवभक्त, श्रावण शिवरात्रि पर करेंगे जलाभिषेक

हरिद्वार और गोमुख से पवित्र गंगाजल रूपी कांवड़ लेकर शिवभक्त अपने-अपने गांवों में पहुंच चुके हैं। श्रावण मास की शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर तोशाम क्षेत्र में कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान तोशाम में विभिन्न जगहों पर कांवड़ियों की सेवा के लिए विशेष शिविर लगाए गए थे।
तोशाम में लगाए गए कांवड़ सेवा शिविर
तोशाम क्षेत्र में कांवड़ियों की सेवा के लिए विभिन्न जगहों पर शिविर लगाए गए जिनमें उनके खान-पान और विश्राम करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए थे। सोमवार को हुई बारिश ने कांवड़ियों के लिए मौसम को बहुत खुशनुमा बना दिया जिससे उन्हें अपना सफर तय करने में गर्मी से बड़ी राहत मिली। सभी कांवड़िए भोले की मस्ती में मस्त होकर बम-बम के जयकारों के साथ अपने गांवों के मंदिरों की तरफ बढ़ते नजर आए। मंगलवार को आने वाली श्रावण मास की शिवरात्रि पर शिवालयों में जलाभिषेक को लेकर कांवड़ियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
तोशाम-भिवानी मार्ग और बाईपास पर हुआ स्वागत
तोशाम-भिवानी मार्ग पर गांव दांग के नजदीक महेंद्र उर्फ मिंदु चावला के नेतृत्व में तोशामवासियों की मदद से कांवड़ियों के विश्राम के लिए शिविर लगाया गया। इस दौरान उनकी टीम ने कांवड़ियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जिससे कांवड़ियों में अलग ही उत्साह दिखाई दिया। तोशाम में बाईपास मार्ग के नजदीक खरकड़ी सोहान सेवा समिति द्वारा भी कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाया गया और नई अनाज मंडी के सामने सोनू प्रधान, मुकेश ठेकेदार, प्रेम दहिया, कालू व डॉ. वीरेंद्र आदि ने मार्ग से गुजरने वाले कांवड़ियों को ठंडा नींबू पानी और जूस जैसी पेय सामग्री पिलाई।
शिवभक्तों के जत्थों में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
सड़क मार्ग से गुजरने वाले कांवड़ियों के जत्थों में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष लगातार गूंजते रहे। ये सभी शिव भक्त अपने कंधों पर सजी कांवड़ और हाथों में केसरिया ध्वज लिए पूरी तरह शिवभक्ति में लीन होकर अपनी यात्रा पूरी कर रहे थे। ये सभी भक्त तीर्थस्थलों से पवित्र गंगाजल लाकर शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का अभिषेक करेंगे।
शिवरात्रि पर्व और जलाभिषेक की धार्मिक मान्यता
तोशाम के दक्षिणमुखी संकटमोचन मेहंदीपुर बालाजी दरबार के महंत पंडित रामकिशन महाराज ने शिवरात्रि पर्व की जानकारी देते हुए बताया कि श्रावण मास की शिवरात्रि पर गोमुख और हरिद्वार जैसे पवित्र स्थलों से पैदल यात्रा करके श्रद्धा के साथ लाए गए कांवड़ रूपी गंगाजल से जलाभिषेक करने की बहुत विशेष धार्मिक मान्यता है। इसी गहरी आस्था के कारण हर साल बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और लाखों की संख्या में शिवभक्त पैदल यात्रा करके गंगाजल लाकर अपने गांवों और शहरों के मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। इसी कड़ी में इस बार भी अनेक शिवभक्त गोमुख और हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गांवों के मंदिरों में पहुंच चुके हैं जो मंगलवार 11 अगस्त को सुबह सवेरे मंदिरों में पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे।