कारोला हत्याकांड: खून के बदले खून और एनकाउंटर की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने पटौदी में किया रोड जाम

पटौदी विधानसभा क्षेत्र के थाना फरुखनगर इलाके के गांव कारोला में एक दिन पहले गुरुवार को दर्जन भर से अधिक हथियारबंद बदमाशों द्वारा युवक सागर पुत्र मुन्नीलाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के विरोध में और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को लगातार बरसात के बीच भी सुबह 10 से शाम 3 बजे तक सड़क जाम रखी गई। इस दौरान पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने खून का बदला खून और मुख्य आरोपी का एनकाउंटर करने की मांग उठाई। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए थे।
कारोला हत्याकांड में हत्यारे की गिरफ्तारी न होने तक अंतिम संस्कार से इनकार
शुक्रवार को मृतक युवक के परिजनों सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने कुलाना और बिलासपुर के बीच महत्वपूर्ण सड़क मार्ग जाटोली में खंडेवला मोड़ पर जाम लगा दिया। इस प्रदर्शन में युवक, महिलाएं, बुजुर्ग और मृतक युवक सागर के घायल पिता मुनीलाल भी सड़क पर डटे रहे। मुख्यमंत्री के पटौदी विधानसभा क्षेत्र के मानेसर सहित अन्य स्थानों पर कार्यक्रम के चलते पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और यातायात को अन्य मार्गों पर डायवर्ट किया गया। प्रदर्शनकारियों में पूर्व पार्षद श्रीपाल चौहान, अमित पहलवान, मदन सरपंच, मुकेश भागमल, सत्य, सरपंच रोहतास, अजय चौहान, विनोद चौहान और अतर सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला शक्ति भी मौजूद रही।
मुख्य आरोपी सचेत उर्फ मुन्ना की गिरफ्तारी और एनकाउंटर की मांग पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस प्रशासन के सामने मांग रखी कि सागर हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचेत उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार कर गांव वालों के हवाले किया जाए और उसका एनकाउंटर किया जाए। शुरुआती दिनों में किसी विवाद के बाद प्रतिपक्ष द्वारा सागर के घर पहुंचकर उसके भाई और माता-पिता पर हमला किया गया था जिसमें पिता को चोटें आई थीं। जब सागर गांव लौटा तो तीन-चार वाहनों में सवार होकर आए हमलावरों ने गुरुवार को इस वारदात को अंजाम दिया जिसमें सागर की गोलियां लगने से मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों द्वारा हमलावरों को राउंडअप करने के आश्वासन के बाद शाम 3 बजे के करीब रोड जाम खोल दिया गया।