जींद: माजरा खाप पंचायत ने लव मैरिज, लिव इन और समलैंगिक संबंधों के कानूनों पर जताई कड़ी नाराजगी

जींद में माजरा खाप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक माजरा खाप के प्रधान गुरविंद्र सिंह संधू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में लव मैरिज, लिव इन रिलेशनशिप और समलैंगिक संबंधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों को लेकर माजरा खाप पंचायत ने कड़ी नाराजगी जताई है। खाप पदाधिकारियों ने सरकार के सामने अपनी मांग रखी है कि इन सभी मुद्दों पर सरकार को समाज के विभिन्न वर्गों से बातचीत करनी चाहिए। इसके बाद सरकार को इन तमाम कानूनों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि आगामी विधानसभा सत्र में इन विषयों पर विशेष चर्चा की जानी चाहिए और इनमें आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए।
प्रधान और महासचिव ने राजनीतिक दलों से की चर्चा की मांग
माजरा खाप पंचायत के प्रधान गुरविंद्र सिंह सिंधु और महासचिव महेंद्र सिंह सहारण ने एक बयान में कहा कि सरकार और विपक्ष दोनों को इन सभी मुद्दों पर बहुत गंभीरता से विचार करना चाहिए। यदि सरकार खुद इन कानूनों में किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं करना चाहती है, तो ऐसी स्थिति में विपक्षी दल भी विधानसभा में निजी विधेयक के माध्यम से अपनी बात को मजबूती से रख सकते हैं। उन्होंने यह बड़ा आरोप भी लगाया कि सभी राजनीतिक दल सामाजिक मुद्दों पर अपना स्पष्ट रुख अपनाने से साफ बच रहे हैं। माजरा खाप के प्रवक्ता समुंद्र सिंह फोर ने इस दौरान स्पष्ट किया कि खाप पंचायतें लव मैरिज के पूरी तरह से विरोध में बिल्कुल भी नहीं हैं। उनका यह कहना है कि विवाह के सभी मामलों में परिवार की सहमति होना और सामाजिक सरोकारों को हमेशा महत्व दिया जाना बहुत जरूरी है।
कानूनी पहलुओं पर चर्चा और मुख्यमंत्री से बातचीत की तैयारी
उन्होंने आगे कहा कि समगोत्र तथा नजदीकी रक्त संबंधों में विवाह को लेकर खाप पंचायतों की अपनी पुरानी सामाजिक मान्यताएं हैं। वे इन सभी मान्यताओं को हमेशा बनाए रखने की पक्षधर हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लव इन रिलेशनशिप और समलैंगिक संबंधों से जुड़े विषयों पर भी खाप पंचायतें अपनी आपत्तियां सीधे सरकार के समक्ष रखेंगी। इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर हाईकोर्ट के जाने-माने अधिवक्ताओं से कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई है और इसके बाद एक ड्राफ्ट भी तैयार कराया गया है। खाप प्रतिनिधियों की ओर से इस मामले में मुख्यमंत्री से भी लगातार बातचीत की जा रही है। प्रवक्ता फोर ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से यह विशेष अपील की जाएगी कि इन विषयों पर सदन के भीतर खुलकर चर्चा हो। उन्होंने पूरी उम्मीद जताई है कि सरकार खाप पंचायतों के तमाम प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेगी। सरकार उनकी सभी मांगों और सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने अंत में यह भी बताया कि सरकार के साथ खाप पंचायतों की एक महत्वपूर्ण बैठक जल्द ही होने की पूरी संभावना है।