खाप का संवाद Gen Z के साथ: कैथल में छात्राओं की बड़ी बात

अमरनाथ भगत जयराम राजकीय कन्या महाविद्यालय में Gen Z से खुला संवाद
शादी, लिव-इन रिलेशनशिप, परिवार, संस्कार और मोबाइल पर छात्राओं ने बेबाकी से रखी अपनी बात
कैथल/15 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
अमरनाथ भगत जयराम राजकीय कन्या महाविद्यालय, सैरधा में सर्वजातीय सर्वखाप महिला महापंचायत की ओर से “खाप का संवाद — Gen Z के साथ” कार्यक्रम के तहत छात्राओं से खुला संवाद किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रोफेसर (डॉ.) संतोष दहिया ने छात्राओं से शादी, लिव-इन रिलेशनशिप, परिवार, संस्कार, सोशल मीडिया और मोबाइल के सकारात्मक उपयोग जैसे विषयों पर सीधे संवाद किया।
शुरुआत में छात्राएँ कुछ झिझक रही थीं, लेकिन प्रोफेसर (डॉ.) संतोष दहिया ने सहज और दोस्ताना माहौल बनाकर उन्हें अपनी बात खुलकर रखने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद छात्राओं ने बिना किसी संकोच के अपने विचार साझा किए।
संवाद के दौरान अधिकांश छात्राओं ने कहा कि जीवन से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला, विशेषकर शादी जैसे निर्णय, माता-पिता की सहमति और उनके साथ संवाद करके लेना अधिक बेहतर है। वहीं, लिव-इन रिलेशनशिप के सवाल पर छात्राओं ने इसे स्पष्ट रूप से नकार दिया।
एक छात्रा ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि माता-पिता अक्सर बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं और उनके फैसलों में उनका साथ देना चाहते हैं। उसने बताया कि उसे विदेश जाने की अनुमति नहीं मिली, जिस पर संवाद के दौरान परिवार की सोच और बेटी के भविष्य से जुड़े पक्षों पर भी चर्चा हुई।
प्रोफेसर (डॉ.) संतोष दहिया ने कहा कि “आज का संवाद बेहद सकारात्मक और सार्थक रहा। जब हमारी बेटियों को बिना झिझक अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है, तो उनके मन की वास्तविक सोच सामने आती है। आज की बेटियों में अपनी जिंदगी को लेकर समझ है और वे अपने भविष्य को जोखिम में नहीं डालना चाहतीं।”
उन्होंने कहा कि Gen Z और समाज के बीच इसी तरह लगातार संवाद होता रहा तो हम अपनी संस्कृति, संस्कार, परिवार, खेत-खेड़ा, खाप और भाईचारे की सकारात्मक परंपराओं को बचाने के साथ-साथ उन्हें नई पीढ़ी की सोच के अनुरूप आगे भी ले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि खाप को भी नई पीढ़ी को केवल उपदेश देने के बजाय उसे सुनना, उसके सवाल समझना और संवाद के माध्यम से समाधान तलाशना होगा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार भांभू, डॉ. रामेहर सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।
संतोष दहिया का संदेश:
“बात होगी • बहस होगी • समझ बनेगी — संवाद से ही पीढ़ियों के बीच की दूरी कम होगी।”