लाडवा की कोणार्क अकादमी में शिक्षकों ने सीखे गणित को रोचक बनाने के गुर

कोणार्क अकादमी में शिक्षकों ने सीखे गणित को रोचक बनाने के गुर
दो दिवसीय प्रशिक्षण में चार जिलों के 60 शिक्षकों ने लिया भाग, गतिविधि आधारित शिक्षण पर दिया जोर
मानव गर्ग /लाडवा /13 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
लाडवा में द कोणार्क अकादमी में दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए गणित जैसे विषय को सरल, सहज और आनंदमय बनाना था। यह आयोजन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, पंचकूला के तत्वावधान में किया गया था। प्रशिक्षण का विषय आनंदमय गणित था। इस प्रशिक्षण में करनाल, पानीपत, चंडीगढ़ और कुरुक्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे करीब 60 शिक्षकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में दी गई गणित शिक्षण की नवीन विधियां
विद्यालय की प्रधानाचार्या अंजनी सिंह ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, पंचकूला की ओर से कविता और जतिन कुमार ने प्रशिक्षक की भूमिका निभाई। इन प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को गणित शिक्षण की नवीन एवं प्रभावी विधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गणित को केवल सूत्रों, परिभाषाओं और प्रश्नों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे गतिविधियों, खेलों तथा दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया जाना चाहिए।
गतिविधि आधारित शिक्षण पर दिया गया विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को खास बातें सिखाई गईं। प्रशिक्षकों ने कठिन गणितीय अवधारणाओं को भी सरल और रोचक तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाने के गुर सिखाए। गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, समस्या समाधान कौशल तथा विषय के प्रति रुचि विकसित करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षकों ने नई शिक्षण विधियों का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक
प्रधानाचार्या ने कहा कि शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। समय के साथ शिक्षण पद्धतियों में भी बदलाव हो रहा है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई तकनीकों एवं प्रभावी शिक्षण विधियों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक विद्यार्थियों की जिज्ञासा, रचनात्मकता और रुचि को केंद्र में रखकर पढ़ाएं तो कठिन विषय भी बच्चों के लिए सरल और आनंददायक बन सकते हैं। गणित को गतिविधियों और दैनिक जीवन के उदाहरणों से जोड़कर पढ़ाने से विद्यार्थियों में विषय के प्रति डर कम होता है। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता भी बढ़ती है।
प्रधानाचार्या ने जताया सभी का आभार
प्रधानाचार्या ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, पंचकूला की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने प्रशिक्षकों और इसमें भाग लेने वाले सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिक्षकों के ज्ञान एवं कौशल को समृद्ध करते हैं। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी सहायक साबित होते हैं।