लाडवा की कोणार्क अकादमी में खेल दिवस पर विद्यार्थियों ने दिखाई अपनी खेल प्रतिभा

खेल दिवस पर कोणार्क अकादमी में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, खेल भावना से बढ़ाया उत्साह
मानव गर्ग/लाडवा/ 28 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
द कोणार्क अकादमी में खेल दिवस के अवसर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। यह आयोजन बहुत उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न खेलों में बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, कौशल और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। खेल मैदान में विद्यार्थियों का जोश और उत्साह देखने लायक था।
प्रधानाचार्या ने खेलकूद को बताया शिक्षा का अभिन्न अंग
विद्यालय की प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि खेल शिक्षा का अभिन्न अंग हैं। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों के भीतर कई गुण विकसित होते हैं। इनमें अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना शामिल हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जीवन में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती है। सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की बहुत आवश्यकता होती है।
हार-जीत की चिंता किए बिना प्रतियोगिताओं में भाग लेने की प्रेरणा
प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें हार-जीत की चिंता बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। उन्हें पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने समझाया कि खेल का मैदान विद्यार्थियों को जीवन का एक बहुत महत्वपूर्ण पाठ सिखाता है। यह पाठ है गिरकर संभलना, हार से सीखना और लक्ष्य प्राप्त होने तक निरंतर प्रयास करते रहना। अंत में उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने सभी को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
निदेशक एसएस शर्मा ने मेजर ध्यानचंद के जीवन से लिया प्रेरणा
विद्यालय के निदेशक एसएस शर्मा ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद का विशेष उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि मेजर ध्यानचंद की लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें विश्वस्तरीय पहचान दिलाई थी। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि कोणार्क अकादमी के विद्यार्थी भी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर आगे बढ़ रहे हैं। ये विद्यार्थी जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल केवल जीतने का माध्यम नहीं हैं। खेल संघर्ष, संयम और आत्मविश्वास सीखने की एक बहुत बड़ी पाठशाला भी हैं।
विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए निरंतर प्रशिक्षण
निदेशक एसएस शर्मा ने आगे बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को निखारने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए निरंतर प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार करना है। कार्यक्रम के अंत में निदेशक एसएस शर्मा और प्रधानाचार्य ने मंच पर आकर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।