संत गुरु रविदास जी की शिक्षाएं मानवता का मार्गदर्शन कर रही हैं: कृष्ण लाल पंवार

लाडवा में आयोजित कलश वंदन यात्रा में विकास एवं पंचायत विभाग मंत्री कृष्ण लाल पंवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम के दौरान गांव मथाना के संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर में रविवार को कलश वंदन यात्रा का आयोजन किया गया था। इस धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, जिला अध्यक्ष रमेश सैनी और चेयरमैन सतीश मथाना सहित अन्य कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
काशी की पवित्र मिट्टी से कलश की स्थापना
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने संत रविदास मंदिर में वाराणसी स्थित संत रविदास जी की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी से कलश स्थापित किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं आज भी समाज को समानता, भाईचारे, मानव सेवा और सामाजिक समरसता का बहुत महत्वपूर्ण संदेश दे रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि संत रविदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि देना है।
विकास कार्यों के लिए घोषणाएं और योजनाएं
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने डॉ. बीआर अंबेडकर भवन मथाना के निर्माण की शुरुआत के लिए 11 लाख रुपये देने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सभी विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कुरुक्षेत्र के उमरी में लगभग 124 करोड़ रुपये की भारी लागत से एक भव्य गुरु रविदास धाम का निर्माण करवाया जा रहा है। इस धाम के अंदर 125 फीट ऊंची संत गुरु रविदास जी की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि मथाना क्षेत्र में बाईपास, कृषि विश्वविद्यालय केंद्र और रेवेन्यू ट्रेनिंग सेंटर सहित कई अन्य विकास कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
कैलाश सैनी और अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास जी ने समाज को समानता और भाईचारे का संदेश दिया था, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है। उन्होंने इस कार्यक्रम में दूर-दूर से पहुंचे सभी लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन के मौके पर चेयरमैन सतीश मथाना, मंडल अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह, प्रधान जितेंद्र खैरा, सरपंच प्रतिनिधि रवि कुमार, यात्रा संयोजक ऋषिपाल डूडी, मंदिर प्रधान दलसिंह, गुरुदत्त शर्मा, सतपाल, अशोक कुमार, परमजीत कश्यप, हरमेश और अन्य कई लोग उपस्थित रहे।