रेवाड़ी के राज इंटरनेशनल स्कूल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सजे नन्हे कान्हा, गूंजा नंद घर आनंद भयो

राज इंटरनेशनल स्कूल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंच पर जब नन्हे-नन्हे बच्चे कान्हा के रूप में उतरे, तो पूरा परिसर 'नंद घर आनंद भयो' के जयकारों से गूंज उठा। यह पूरा कार्यक्रम अटल हिन्द के लिए मनोज गोयल द्वारा कवर किया गया। कार्यक्रम का यह शानदार नजारा ऐसा लग रहा था मानो साक्षात वृंदावन ही स्कूल के परिसर में उतर आया हो। कक्षा पहली के नन्हे-मुन्ने बच्चे जब भगवान कृष्ण के रंग में रंगकर मंच पर आए, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति का चेहरा खिल उठा।
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता की अनोखी थीम
स्कूल द्वारा आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता की थीम बेहद अनोखी और आकर्षक रखी गई थी। इस प्रतियोगिता की थीम का नाम 'कान्हा के रंग, नन्हों के संग' रखा गया था। इस कार्यक्रम में सजे-संवरे नन्हे सितारे और उनके मनमोहक अंदाज ने सबका दिल जीत लिया। इस भव्य कार्यक्रम के दौरान स्कूल के निदेशक नवीन सैनी, जितेन्द्र सैनी एवं हेमन्त सैनी ने विशेष अतिथियों को शॉल और स्मृति चिह्न भेंटकर उनका अभिनंदन किया। मंच पर सजाए गए विभिन्न दृश्यों ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंच पर जीवंत हुए भगवान कृष्ण के विभिन्न रूप
मंच पर कुछ दृश्य ऐसे सजे थे जिन्हें देखकर ऐसा लग रहा था मानो इतिहास जीवंत हो उठा हो। कहीं कोई नटखट कन्हैया माखन-मटकी फोड़ रहा था, तो कहीं राधा रानी बांसुरी बजा रही थीं। कहीं माता यशोदा अपने लल्ला को दुलार करती नजर आ रही थीं, तो कहीं नंद बाबा गर्व के साथ मुस्कुरा रहे थे। वासुदेव जी टोकरी में भगवान कृष्ण को बैठाकर यमुना नदी पार करा रहे थे, और देवकी जी की आंखों में असीम ममता साफ झलक रही थी। एक तरफ कंस का भारी अहंकार नजर आ रहा था, तो दूसरी तरफ गोवर्धन पर्वत उठाए हुए नन्हा कान्हा और फन फैलाए कालिया नाग पर नृत्य करता हुआ कृष्ण का रूप दिखाई दे रहा था। इन सभी रूपों ने दर्शकों को जोरदार तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा द्रौपदी और उद्धव जैसे प्रसिद्ध पात्रों ने भी सभी लोगों का विशेष ध्यान अपनी ओर खींचा।
अभिभावकों ने कैमरे में कैद किए दृश्य और अतिथियों के विचार
इस पूरे सुंदर और मनमोहक दृश्य को सभी अभिभावक अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि आज हमने केवल कॉस्ट्यूम नहीं देखे, बल्कि बच्चों में असली संस्कार देखे हैं। इतनी कम उम्र में भगवान कृष्ण के चरित्र को इतनी गहराई से जीना, यह वाकई राज इंटरनेशनल स्कूल की शिक्षा पद्धति का एक बहुत बड़ा कमाल है। इस प्रतियोगिता में बच्चों की शत-प्रतिशत भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
स्कूल निदेशक का संदेश और कार्यक्रम का समापन
इस अवसर पर स्कूल निदेशक नवीन सैनी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हम अपने बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देना चाहते हैं, बल्कि उन्हें सनातन संस्कार भी सिखाना चाहते हैं। भगवान कृष्ण हमें यह सिखाते हैं कि जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी बाधा क्यों न आ जाए, हमें हमेशा मुस्कुराते हुए उसका सामना करना चाहिए। हमें हमेशा निस्वार्थ प्रेम, सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए और यही हमारे स्कूल का मुख्य ध्येय है। कार्यक्रम का समापन 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जोरदार जयघोष के साथ किया गया। इस पूरे विशेष मौके पर स्कूल के सभी शिक्षक पूरी तरह से मौजूद रहे।