कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में फहरा 108 फीट ऊंचा तिरंगा, सांसद नवीन जिंदल ने किया ध्वजारोहण

राष्ट्रीय ध्वज भारत की आन, बान और शान का प्रतीकः सांसद नवीन जिंदल
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108 फीट ऊंचे विशाल राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना कुवि के लिए गौरव का विषयः प्रो. सोमनाथ सचदेवा**
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कुवि में लहराया 108 फीट ऊंचा 225वां विशाल तिरंगा, सांसद नवीन जिन्दल ने किया ध्वजारोहण**
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माई भारत क्विज’ के विजेता विद्यार्थी भी हुए सम्मानित**
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कुरुक्षेत्र /14 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स /शशि अरोड़ा **
कुरुक्षेत्र की पावन एवं ऐतिहासिक धरा पर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या शुक्रवार को राष्ट्रगौरव का एक नया अध्याय जुड़ गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में 108 फीट ऊंचे विशाल राष्ट्रीय ध्वज का भव्य ध्वजारोहण’’ किया गया। कुरुक्षेत्र के सांसद एवं फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नवीन जिन्दल ने विधिवत रूप से विशाल तिरंगे का ध्वजारोहण किया। जैसे ही 108 फीट ऊंचा तिरंगा आसमान में लहराया, पूरा विश्वविद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत हो उठा।
समारोह में विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पॉल, सहित विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सांसद नवीन जिंदल, कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा सहित अन्य अधिकारियों ने क्रश हॉल में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा अभियान विषय पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद विभाजन विभीषिका नाटक का मंचन भी किया गया। कार्यक्रम में सांसद नवीन जिंदल द्वारा झंडा फहराने का अधिकार के लिए किए गए संघर्ष पर बनी डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया।
सांसद नवीन जिन्दल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। तिरंगे में देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाएं, स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष और बलिदान तथा भारत की एकता और अखंडता समाहित है। उन्होंने कहा कि जब कोई विशाल तिरंगा खुले आकाश में लहराता है तो वह प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है।

सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि तिरंगा भारत का सबसे पावन राष्ट्रीय प्रतीक है, जो जाति, धर्म, क्षेत्र और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर प्रत्येक भारतीय को एकता के सूत्र में बांधता है। उन्होंने कहा कि तिरंगे को देखकर देश के प्रति गर्व, उत्साह और अपने कर्तव्यों का भाव जागृत होता है।
सांसद नवीन जिंदल ने अपने तिरंगा अभियान से जुड़े संघर्ष को याद करते हुए कहा कि किसी व्यवस्था में कमी दिखाई दे तो केवल शिकायत करने के बजाय उसे बदलने के लिए स्वयं पहल करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नागरिकों को सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अधिकार को लेकर उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे बदलाव के लिए दूसरों का इंतजार न करें, बल्कि स्वयं पहल करें।
सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2022 में शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान उनके उस सपने को जन आंदोलन में बदलने वाला महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें प्रत्येक घर पर राष्ट्रीय ध्वज लहराने की भावना विकसित हो। उन्होंने कहा कि तिरंगा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का है और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सभी राजनीतिक विचारधाराओं के लोगों की भागीदारी होनी चाहिए।
सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के सहयोग से होगा। हमें अपने दैनिक जीवन में भी जिम्मेदारी दिखानी होगी। देश की सुरक्षा के लिए सैनिकों और पुलिसकर्मियों द्वारा दिए जा रहे बलिदानों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हमें ऐसा भारत बनाना है, जिसका सपना हमारे शहीदों ने देखा था।
उन्होंने सहकारी प्रयास की भावना अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि एक-दूसरे की टांग खींचने के बजाय सहयोग की भावना से आगे बढ़ना होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों और युवाओं के बेहतर भविष्य में निवेश करके ही खुशहाल और विकसित भारत का निर्माण संभव है। नवीन जिंदल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थियों को सम्मानित करने और उनसे मजबूत जुड़ाव बनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।
विभाजन विभीषिका स्मृति प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास को याद करने का उद्देश्य किसी के प्रति नफरत पैदा करना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर शांति, एकता और बेहतर पड़ोसी संबंधों की दिशा में आगे बढ़ना होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच बेहतर संबंध बनेंगे तथा युद्ध और हथियारों पर खर्च होने वाले संसाधनों का उपयोग स्कूलों, अस्पतालों और नागरिकों के बेहतर जीवन के लिए किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में लहराता तिरंगा आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम, एकता, जिम्मेदारी और विकसित भारत के निर्माण का नया उत्साह पैदा करेगा।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा विश्वविद्यालय परिसर में 108 फीट ऊंचे विशाल राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। आज का दिन हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। आज हम विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भी मना रहे हैं। हमारा राष्ट्रीय ध्वज हमें यह स्मरण कराता है कि हमने अपनी आज़ादी कितनी बड़ी कुर्बानियों और बलिदानों के बाद अर्जित की है।
हमें उन असंख्य ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों को कभी नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। हमारा तिरंगा केवल तीन रंगों से बना एक ध्वज नहीं है, बल्कि यह हमारे बलिदान, संघर्ष, स्वाभिमान, एकता और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। जब भी हम इसे हाथ में लेते हैं, हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि आवश्यकता पड़ने पर हम भी अपने देश की अखंडता, संप्रभुता, समृद्धि और अपने राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा के लिए हर संभव योगदान देंगे।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि हमें न स्वयं अपने मूल्यों से समझौता करना है और न ही किसी को देश की एकता और अखंडता के साथ समझौता करने देना है। यही हमारे तिरंगे का संदेश है और यही हमारे पूर्वजों के बलिदानों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। यह तिरंगा आने वाली पीढ़ियों को भी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण की याद दिलाता रहेगा।
मंच का संचालन प्रो. विवेक चावला ने किया। सांसद नवीन जिंदल ने माय भारत क्विज प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया जिसमें प्रथम पुरस्कार रादौर से अभिमन्यु पांचाल, दूसरा पुरस्कार थानेसर से ओजस्वी शर्मा तथा तीसरा स्थान कैथल से विवेक ने प्राप्त किया। अंत में कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर भाजपा नेता जगविंदर विर्क, चेयरमैन गुरनाम सैनी, चेयरमैन रविन्द्र सांगवान, कुवि कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, श्याम लाल जांगड़ा, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी, डीन प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. प्रीति जैन, प्रो. अनिल मित्तल, युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला, प्राक्टर प्रो. अनिल गुप्ता, चीफ वार्डन प्रो. जसबीर ढांडा, प्रो. भगवान सिंह चौधरी, प्रो. उषा रानी, प्राचार्या प्रो. रीटा, प्रो. कुसुम लता, मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. आनंद कुमार, प्रो. नरेन्द्र सिंह, प्रो. परमेश कुमार, उपनिदेशिका डॉ. सलोनी पवन दिवान, प्रो. दीपक राय बब्बर, डॉ. सौरभ चौधरी, डॉ. अजय जांगडा, सहित शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।