कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और एंटी-रैगिंग सप्ताह का आयोजन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और एंटी-रैगिंग सप्ताह का आयोजन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों की ओर से कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) द्वारा हार्ट हेल्प फाउंडेशन के सहयोग से आईएमएस की कंप्यूटर लैब में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वैच्छिक रक्तदान किया। तीन घंटे चले इस शिविर में कुल 56 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव लेफ्टिनेंट (डॉ.) वीरेंद्र पाल ने शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का एक महान कार्य है, क्योंकि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है और इसकी पूर्ति केवल स्वैच्छिक रक्तदाताओं के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि एक रक्तदाता तीन लोगों की जान बचाने में मदद कर सकता है। एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों से भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं जनहितकारी अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि युवाओं में सेवा, सहयोग और सामाजिक सरोकार की भावना को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाकर समाज में जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन के लिए आईएमएस तथा हार्ट हेल्प फाउंडेशन की पूरी टीम को बधाई दी। आईएमएस के निदेशक डॉ. सिद्धार्थ एस. भारद्वाज ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर विद्यार्थियों को मानव सेवा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने रक्तदाताओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्तियों को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।

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इस अवसर पर प्रो. अनिल मित्तल एवं हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महासिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिविर का दौरा किया और विद्यार्थियों को रक्तदान जैसे पुनीत कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर के संयोजक डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि शिविर के आयोजन को लेकर विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय समुदाय में विशेष उत्साह रहा। रक्तदाताओं को रक्तदान के महत्व के बारे में जानकारी दी गई तथा आवश्यक स्वास्थ्य जांच के बाद पात्र लोगों से रक्तदान करवाया गया। उन्होंने बताया कि शिविर के सफल आयोजन में डॉ. सलोनी दीवान, डॉ. जय किशन चंदेल, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. उत्कर्ष मंगल, डॉ. ममता, डॉ. पलक, दिशा तथा सौरव गुप्ता सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। आईएमएस की ओर से सभी रक्तदाताओं, हार्ट हेल्प फाउंडेशन की टीम तथा आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।

दूसरी ओर, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा एंटी-रैगिंग सप्ताह के तहत रैगिंग के प्रति शून्य सहनशीलताः एक सुरक्षित और सामंजस्यपूर्ण परिसर का निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन संस्थान के मिनी ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी ने कहा कि कहा कि विद्यार्थियों को स्वस्थ, सुरक्षित एवं स्वच्छ शिक्षण वातावरण प्रदान करना विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैगिंग के किसी भी मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति है और इसमें किसी भी प्रकार के समझौते की गुंजाइश नहीं है।

प्रो. ए.आर. चौधरी ने कहा कि रैगिंग से संबंधित किसी भी शिकायत की सूचना शिक्षकों अथवा संस्थान की निदेशिका को मौखिक, लिखित या ई-मेल के माध्यम से दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान की निदेशिका प्रो. बिंदु शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा रैगिंग की रोकथाम के लिए निर्धारित नियमों के अनुरूप संस्थान में एंटी-रैगिंग सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य संस्थान परिसर को पूर्णतः रैगिंग मुक्त बनाना है और इस दिशा में संस्थान अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चीफ वार्डन, गर्ल्स हॉस्टल प्रो. कुसुमलता ने कहा कि रैगिंग मुक्त परिसर के निर्माण के लिए नवागंतुक विद्यार्थियों को वरिष्ठ विद्यार्थियों का सम्मान करना चाहिए और वरिष्ठ विद्यार्थियों को भी नवागंतुकों के प्रति स्नेह एवं सहयोग की भावना रखनी चाहिए। इस अवसर पर संस्थान की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मधुदीप ने कहा कि सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण रैगिंग जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के दौरान एंटी-रैगिंग पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों ने एंटी-रैगिंग विषय पर एक प्रभावशाली नाटक भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान की असिस्टेंट प्रोफेसर रोमा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

इसके अलावा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में अर्थशास्त्र विभाग द्वारा सत्र 2026-27 में नवप्रवेशित बी.ए. बिजनेस एंड इकोनॉमिक एनालिटिक्स के प्रथम बैच के विद्यार्थियों के लिए विद्यार्थी ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन विभाग के सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता कुवि की सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन सीडीओई की निदेशिका प्रो. मंजुला चौधरी ने कहा कि आज के बदलते रोजगार परिदृश्य में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है।

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