कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा, एनसीसी और फॉरेंसिक विज्ञान पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों की ओर से कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा, मतदान जागरूकता, एनसीसी एनरोलमेंट ड्राइव, फॉरेंसिक विज्ञान और एंटी-रैगिंग जैसे विषयों पर चर्चा की गई। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में ये सभी कार्यक्रम संपन्न हुए, जिनमें विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
संस्कृत एक जीवित एवं व्यावहारिक भाषाः प्रो. वीरेंद्र पाल
संस्कृत विभाग आईआईएचएस द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कुरुक्षेत्र में किया गया। भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित एवं साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत संस्कृत के राष्ट्रीय कवि डॉ. प्रशस्यमित्र शास्त्री ने कहा कि संस्कृत भारत की पहचान है और विश्व भर में भारत की प्रतिष्ठा अनादि काल से संस्कृत के ज्ञान विज्ञान से ही बनी है। वे कुवि कुलगुरु प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल ने कहा कि संस्कृत में असीम संभावनाएं हैं और संस्कृत के शास्त्रों की जीवंत परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। संस्थान की प्राचार्या प्रो. रीटा ने अध्यक्षीय वक्तव्य दिया। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. रामचन्द्र ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में संस्कृत के शिक्षण एवं शोध को बढ़ाने के लिए इस संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। विशिष्ट अतिथि डॉ. सीडीएस कौशल ने सामाजिक मूल्यों के क्षरण पर चिंता व्यक्त की। विशिष्ट अतिथि प्रो. कृष्णा देवी ने विश्वविद्यालय में संस्कृत की समृद्ध परम्परा की जानकारी दी। तकनीकी सत्र में अनेक शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से अपने शोध पत्र पढ़े। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल ने घोषणा की कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शुरुआती सभी शिलालेख संस्कृत में लिखे गए थे और भविष्य में विश्वविद्यालय के शिलालेख संस्कृत में भी दिखाई देंगे।
केयू आईआईएचएस में विद्यार्थियों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी गई
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज में विद्यार्थियों को मतदान प्रक्रिया एवं मताधिकार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को मतदान के महत्व, मतदान प्रक्रिया तथा एक जागरूक मतदाता के अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। आईआईएचएस की प्राचार्या प्रो. रीटा ने विद्यार्थियों को अपने मताधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक प्रयोग करने का आह्वान किया। इलेक्शन ऑफिस से कपिल, सुनील कुमार, अक्षय एवं सुनील कुमार ने विद्यार्थियों को मतदान से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं से अवगत कराया। इस अवसर पर डॉ. ज्ञान चहल व मंगेश शर्मा मौजूद रहे।
राष्ट्रीय चरित्र निर्माण में एनसीसी एक सशक्त माध्यमः प्रो. ए.आर. चौधरी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संस्थानों एवं स्ववित्तपोषित विभागों के विद्यार्थियों के लिए एनसीसी एनरोलमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया। इस ड्राइव में करीब 150 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि राष्ट्रीय चरित्र निर्माण में एनसीसी एक सशक्त माध्यम है। एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. अजय जांगड़ा ने बताया कि एनरोलमेंट ड्राइव यूनिवर्सिटी सीनियर मॉडल स्कूल के खेल मैदान में आयोजित की गई। इस अवसर पर पूर्व वायु सेना अधिकारी अजय शर्मा, कैप्टन नरेंद्र, सूबेदार कल्याण तथा सार्जेंट अर्चिता उपस्थित रहे।
फॉरेंसिक विज्ञान आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली का महत्वपूर्ण आधारः डॉ. चंद्र शेखर
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा फॉरेंसिक केस स्टडीज़ एवं उभरती हुई फॉरेंसिक तकनीकें विषय पर विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। डॉ. चंद्र शेखर, एस.एस.ओ. एवं प्रभारी, जिला फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, अंबाला ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के साथ फोरेंसिक विज्ञान की भूमिका और महत्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डॉ. प्रमोद, एस.एस.ओ. एवं प्रभारी, जिला फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, यमुनानगर ने भी विचार रखे। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. आरुषि मित्तल रहीं और मंच संचालन आकांक्षा ने किया।
शैक्षणिक संस्थान में रैगिंग के लिए कोई जगह नहींः प्रो. रीटा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज तथा पंजाब नेशनल बैंक कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी शाखा के सहयोग से एंटी-रैगिंग जागरूकता विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। आईआईएचएस की प्राचार्या प्रो. रीटा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान में रैगिंग के लिए कोई जगह नहीं है और हर छात्र कैंपस में सुरक्षित महसूस करने का हकदार है। मनोविज्ञान विभाग के डॉ. राज रतन ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। छात्रों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें परीक्षा ने पहला, केशव ने दूसरा और आशना ने तीसरा स्थान हासिल किया।