कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस पर राज्य स्तरीय कविता पाठ और विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में हिंदी दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन हिंदी विभाग एवं युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी और देशभक्ति पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 5100 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 3100 रुपये और तृतीय पुरस्कार 2100 रुपये दिए गए। इसके साथ ही 1100 रुपये के पांच सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अशोक कुमार की पुस्तक हिंदी काव्यधारा का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी के सचिव वरुण गुलाटी ने कहा कि हिंदी को केवल भावनाओं की भाषा नहीं, बल्कि ज्ञान-विज्ञान और तकनीक की भाषा बनाना होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि उनमें विज्ञान, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अर्थशास्त्र और प्रशासन जैसे सभी क्षेत्रों की ज्ञान-समृद्ध भाषा बनाने का आत्मविश्वास होना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि हिंदी अन्य भाषाओं के शब्दों को आत्मसात करने वाली एक विशाल और वैज्ञानिक भाषा है। विशिष्ट अतिथि दैनिक ट्रिब्यून के संपादक नरेश कौशल ने हिंदी के बढ़ते वैश्विक सम्मान का उल्लेख किया। डॉ. बी.आर. अंबेडकर केंद्र के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह ने कहा कि बिना मातृभाषा के कोई भी राष्ट्र उन्नति नहीं कर सकता। कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रो. विवेक चावला ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. महासिंह पूनिया ने किया।
साहित्य अकादमी के सचिव वरुण गुलाटी ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में साहित्य अकादमी के माध्यम से एक विशेष साहित्य केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। यह केंद्र कौरवी, बांगरू, बागड़ी, ब्रज, मेवाती और अहीरवाटी बोलियों के संरक्षण, संवर्धन और शोध को बढ़ावा देगा। इस प्रस्ताव को हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया द्वारा रखा गया था।
इसके अलावा शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान में लिटरेरी क्लब के अंतर्गत निबंध और कविता लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। संस्थान की प्राचार्या प्रो. अनीता दुआ ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में डॉ. पूजा सैनी और डॉ. अंग्रेज सिंह का विशेष योगदान रहा।
जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में भी हिंदी दिवस पर रचनात्मक लेखन और समूह चर्चा का आयोजन किया गया। संस्थान की निदेशिका प्रो. बिंदु शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारी पीढ़ियों से मिला संस्कार है। रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता में छात्रा सरस्वती ने प्रथम और वंदना शर्मा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
संगीत एवं नृत्य विभाग के सभागार में भी हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा ने सभी कवियों का स्वागत किया। इस कवि सम्मेलन में शहर के कई प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से हिंदी के सम्मान और महत्व पर प्रकाश डाला।