कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आईएमएस में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए स्वागत कार्यक्रम लॉन्चपैड आयोजित

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आईएमएस में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए स्वागत कार्यक्रम लॉन्चपैड आयोजित

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं के चलते विश्वविद्यालय में नए विद्यार्थियों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। नैक से ए-प्लस-प्लस ग्रेड प्राप्त कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय आज गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शोध, कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है। विश्वविद्यालय की इन उपलब्धियों का सकारात्मक प्रभाव प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों में भी दिखाई दे रहा है और नए विद्यार्थी कुवि को अपने उच्च शिक्षा के प्रमुख विकल्प के रूप में चुन रहे हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) में बीबीए एवं एमबीए में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आयोजित ‘लॉन्चपैडः द स्टेपिंग स्टोन टू एकेडमिक जर्नी’ कार्यक्रम भी इसी बढ़ते विद्यार्थी विश्वास की तस्वीर प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ करियर निर्माण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और जीवन कौशल के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ।

कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का संबोधन

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कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश केवल डिग्री प्राप्त करने की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को आकार देने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर सीखने, मेहनत करने और चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ने तथा ज्ञान के साथ व्यवहारिक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ए-प्लस-प्लस ग्रेड की उपलब्धि के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग और शैक्षणिक उपलब्धियों ने विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है। विश्वविद्यालय द्वारा नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का विस्तार, उद्योग से जुड़ी शिक्षा तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

रोशन लाल सैनी और अन्य वक्ताओं का मार्गदर्शन

कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोशन लाल सैनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुशासन, समय प्रबंधन, निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास और धैर्य भी उतने ही आवश्यक हैं। एनएमआईएमएस चंडीगढ़ की निदेशक डॉ. ज्योत्सना सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सफलता और असफलता के बीच के संबंध को समझाया। उन्होंने कहा कि जीवन में असफलता को अंत नहीं, बल्कि आगे बढ़ने और स्वयं को सुधारने का अवसर समझना चाहिए।

जीवन कौशल और आईएमएस गतिविधियों की जानकारी

एग्जीक्यूटिव लाइफ कोच एवं मेंटर शिवानी अडाया ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति एवं विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन कौशल से परिचित कराया। उन्होंने आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद, समय प्रबंधन, निर्णय लेने की क्षमता, टीम भावना और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों को व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से समझाया। आईएमएस के निदेशक प्रो. सिद्धार्थ भारद्वाज ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें उद्योग, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम में यूएसएम के निदेशक प्रो. अनिल मित्तल तथा एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौधरी ने भी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

स्पेक्ट्रम-2026 न्यूजलेटर का विमोचन और प्लेसमेंट सेल का डिजिटलीकरण

कार्यक्रम के दौरान आईएमएस की ओर से स्पेक्ट्रम-2026 न्यूजलेटर का विमोचन भी किया गया। यह न्यूजलेटर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। इसके माध्यम से संस्थान की शैक्षणिक, शोध, सह-पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण, प्लेसमेंट एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों को विद्यार्थियों और पाठकों तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा, आईएमएस की ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट टीम द्वारा संस्थान के रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया और प्लेसमेंट सेल को डिजिटाइज किया गया, जिससे विद्यार्थियों के प्लेसमेंट रिकॉर्ड और प्रशिक्षण गतिविधियों की सूचनाएं व्यवस्थित रहेंगी।

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