कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस पर हुए विभिन्न कार्यक्रम

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, शिक्षक दिवस और प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कला व प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में ये सभी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
संस्कृत एवं प्राच्यविद्या संस्थान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संस्कृत एवं प्राच्यविद्या संस्थान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के उपलक्ष्य में विशिष्ट व्याख्यान एवं संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्यातिथि भारत विकास परिषद्, कुरुक्षेत्र की अध्यक्षा डॉ. ममता सचदेवा ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्व हमारी पीढ़ियों एवं संस्कारों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्व एवं उत्सव हमारी मानसिक मलीनता को दूर कर सांस्कृतिक एकता स्थापित करने का कार्य करते हैं। उन्होंने संस्कृत एवं प्राच्यविद्या संस्थान की प्राचीनता की सराहना करते हुए संस्थान में एम.ए. हिंदू अध्ययन में नए पाठ्यक्रम की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। संस्थान की निर्देशिका एवं प्राच्यविद्या संकाय की अधिष्ठात्री प्रो. कृष्णा देवी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा नवागंतुक विद्यार्थियों को संस्थान की जन्माष्टमी महोत्सव की परंपरा से परिचित कराया। संस्कृत विभाग की पूर्व अध्यक्षा डॉ. विभा अग्रवाल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने शोधपरक व्याख्यान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के सांस्कृतिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए देशभर में मनाए जाने वाले कृष्ण जन्मोत्सव की रीति-नीति एवं परंपराओं की जानकारी दी। उन्होंने चार धाम, शंकराचार्य द्वारा स्थापित मठों, भक्ति काव्य, स्तुति काव्य एवं भक्तिपरक संगीत को श्रीकृष्ण की उपासना के सरल माध्यम बताया। कार्यक्रम में संगीत विभाग के आचार्य डॉ. मनीष, रिम्मी वर्मा एवं इलियास खान के निर्देशन में शोधार्थियों ने मधुर भक्ति संगीत की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर गुलजारीलाल नंदा केंद्र की निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता, प्रो. सुनीता सरोहा, प्रो. अनामिका गिरधर, प्रो. सुनीता दलाल, संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. तेलुराम, डॉ. कृष्ण आर्य सहित शोधार्थी तथा संस्कृत विभाग एवं एम.ए. हिंदू अध्ययन के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्राच्यविद्या संस्थान के सहायक आचार्य डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने किया। अंत में डॉ. विजयश्री ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
आईआईएचएस में शिक्षक दिवस पर भाषण प्रतियोगिता
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज (आईआईएचएस) के लिटरेरी क्लब की ओर से शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में भाषण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए शिक्षकों के महत्व, उनके दायित्व तथा विद्यार्थियों के जीवन निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. जिम्मी शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के पथ-प्रदर्शक और राष्ट्र निर्माण के आधार होते हैं। विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक एवं भाषण कार्यक्रम विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता, तार्किक सोच और आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक न केवल ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि अपने मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रेरणा से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को भी निखारते हैं। एक आदर्श शिक्षक विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा की भावना का विकास करता है। प्रतियोगिता में खुशी, बी.ए. इकोनॉमिक्स ऑनर्स तृतीय सेमेस्टर; अनिरुद्ध, बी.सी.ए. (एआई) प्रथम सेमेस्टर; जतिन, बी.ए. तृतीय सेमेस्टर; तन्नू, बी.ए. इंग्लिश ऑनर्स प्रथम सेमेस्टर; श्रुति, बी.सी.ए. (एआई) प्रथम सेमेस्टर तथा अनामिका दास, बी.ए. इंग्लिश ऑनर्स, प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता की। अंत में डॉ. जिम्मी शर्मा ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए उन्हें अपने शिक्षकों के प्रति सदैव सम्मान और कृतज्ञता का भाव रखने के लिए प्रेरित किया।
लोक प्रशासन विभाग में शिक्षक दिवस पर पौधारोपण
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग में शिक्षक दिवस के अवसर पर पौधारोपण एवं शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार, प्रो. पंकज सिंह, प्रो. रुद्र, डॉ. रमा, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों ने पौधारोपण में भाग लिया। प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान और संस्कारों का बीजारोपण करते हैं, उसी प्रकार पौधा प्रकृति में जीवन और भविष्य की उम्मीद का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। विद्यार्थियों ने एक शिक्षकः एक पौधा’ की भावना के साथ पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। स्टेट एनएसएस अवार्डी छात्र मिनाक्षी कांत ने भी विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
पर्यटन एवं होटल प्रबंधन विभाग में जन्माष्टमी उत्सव एवं प्रतिभा खोज का समापन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन विभाग में आयोजित दो दिवसीय जन्माष्टमी उत्सव एवं प्रतिभा खोज प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में विभागाध्यक्ष वरिष्ठ प्रो. मोहिंदर चंद ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रो. मोहिंदर चंद ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास तथा अंतर्निहित प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया। दो दिवसीय उत्सव के दौरान विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, रंगोली, नृत्य, गायन, मटकी सज्जा एवं दीवार सज्जा सहित छह विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने सभी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता, कलात्मक कौशल एवं प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान विभाग का वातावरण उत्साह, उमंग एवं सृजनात्मकता से परिपूर्ण रहा।