कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में खेलो इंडिया डायलॉग का लाइव प्रसारण, विद्यार्थियों ने पीएम मोदी का संबोधन सुना

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में खेलो इंडिया डायलॉग का लाइव प्रसारण, विद्यार्थियों ने पीएम मोदी का संबोधन सुना

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा खेलो इंडिया डायलॉगः खेल की बात प्रधानमंत्री के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय युवा संवाद के अंतर्गत आयोजित हुआ। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में यह आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण यानी साई तथा माय भारत का सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं और एथलीटों के साथ ऑनलाइन संवाद किया। सीनेट हॉल में विद्यार्थियों एवं युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीधे प्रसारण को देखा और उनके संबोधन को सुना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खेलो इंडिया देशभर में खेल प्रतिभाओं को निखारने का एक शानदार मंच बन चुका है। यह युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक अवसर और सहयोग प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि खेल का अर्थ केवल मैदान पर जीत हासिल करना नहीं है। खेल व्यक्तित्व के विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं। यह विकसित भारत के निर्माण का एक महत्वपूर्ण अभियान भी है।

खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम

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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुवि कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल शामिल हुए। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन शैली अपनानी चाहिए। नशे से दूर रहकर और अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाकर ही युवा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं

विशिष्ट अतिथि डॉ. दलेल सिंह रहे जो अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हैं और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के खेल विभाग के पूर्व निदेशक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खिलाड़ियों को इन अवसरों का लाभ उठाते हुए देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी में देश के लिए खेलने और राष्ट्र का गौरव बढ़ाने का जज्बा होना चाहिए। उन्होंने मेजर ध्यानचंद के जीवन और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने तथा निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

स्वस्थ एवं सशक्त युवा राष्ट्र विकास में मददगार

छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी ने कार्यक्रम में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं सशक्त युवा ही राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं को सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए सकारात्मक भूमिका निभाने की बात कही।

प्रसिद्ध खिलाड़ी गुरमेल कौर के अनुभव

प्रसिद्ध खिलाड़ी गुरमेल कौर ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने खेल के क्षेत्र में हो रहे बदलावों तथा अपने खेल जीवन के अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए निरंतर प्रयास और अभ्यास आवश्यक है। निरंतर प्रयास करते रहने से ही व्यक्ति अपने क्षेत्र में निपुणता हासिल कर सकता है।

कार्यक्रम का संचालन और उपस्थिति

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. आनंद कुमार ने विद्यार्थियों को मेरा भारत पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों, शिक्षकों, खिलाड़ियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. निधि माथुर ने किया। मीनाक्षी कांत ने इस कार्यक्रम में मॉडरेटर की भूमिका निभाई। इस अवसर पर भारतीय खेल प्राधिकरण यानी साई से आए खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. वीर विकास, डॉ. सचिन, डॉ. आशा रानी, डॉ. नीरू, स्वयंसेवक अंकिता, अमित तथा मनोज कुमार सहित कुल 250 विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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