कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय को मिला पहला पेटेंट और गणित विभाग में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय को मिला पहला पेटेंट और गणित विभाग में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से जुड़ी दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। पहली खबर के अनुसार, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय ने नवाचार और बौद्धिक संपदा सृजन के क्षेत्र में एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस संकाय ने अपना पहला पेटेंट प्रकाशित कराया है। दूसरी खबर के अनुसार, गणित विभाग द्वारा एम.एससी. गणित प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय का पहला पेटेंट प्रकाशित

भारत सरकार के पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय द्वारा इस पेटेंट को प्रकाशित किया गया है। इस पेटेंट का शीर्षक सिस्टम एंड मैथड फॉर एनालाईजिंग एंटीसिडेंटस एंड कांसिक्यूएंस आफ इनपल्स बाइंग इन आनलाइन शापिंग एनवायरनमेंटस है। इस पेटेंट को वाणिज्य विभाग के प्रोफेसर तेजेन्द्र शर्मा तथा उनकी शोधार्थी कवलजीत कौर द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।

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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस शानदार उपलब्धि पर बेहद प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय का यह पहला पेटेंट विश्वविद्यालय में नवाचार, अंतर्विषयी शोध तथा बौद्धिक संपदा सृजन को मिल रहे बढ़ते प्रोत्साहन का स्पष्ट परिचायक है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की सभी उपलब्धियाँ विश्वविद्यालय के शोध परिवेश को और अधिक सुधरो बनाने का काम करती हैं। यह सब नवाचार आधारित भारत के निर्माण की दिशा में भी एक बहुत महत्वपूर्ण योगदान देता है।

पेटेंट के उपयोग और तकनीक की जानकारी

प्रोफेसर तेजेन्द्र शर्मा ने इस बारे में विस्तार से बताया कि यह आविष्कार ऑनलाइन खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा किए जाने वाले आकस्मिक क्रय व्यवहार के कारणों और उसके परिणामों के विश्लेषण के लिए एक नवीन प्रणाली प्रस्तुत करता है। यह एक आधुनिक कार्यविधि प्रस्तुत करती है। व्यवहार विज्ञान तथा आधुनिक संगणकीय तकनीकों के इस अद्भुत समन्वय से विकसित यह प्रणाली ई-वाणिज्य कंपनियों, शोधकर्ताओं, विपणन विशेषज्ञों तथा नीति-निर्माताओं के लिए बहुत उपयोगी है। यह प्रणाली उपभोक्ता व्यवहार को गहराई से समझने और उसके सटीक पूर्वानुमान में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है।

इस विशेष पेटेंट के लिए आवेदन 11 जून 2026 को किया गया था। इसका प्रकाशन 7 अगस्त 2026 को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के लिए यह पूरी उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। इसका कारण यह है कि यह इस संकाय का अपना पहला प्रकाशित पेटेंट है। प्रो. तेजेन्द्र शर्मा ने कहा कि संकाय का यह पहला प्रकाशित पेटेंट नवाचार और बौद्धिक संपदा सृजन की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में वाणिज्य एवं प्रबंधन के क्षेत्र में शोध कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आँकड़ा विश्लेषण, उपभोक्ता व्यवहार तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है। इसके माध्यम से व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुख समाधान विकसित किए जा रहे हैं। शोधार्थी कवलजीत कौर ने भी इस पर अपने विचार रखे और कहा कि यह उपलब्धि देश के सभी युवा शोधकर्ताओं के लिए अत्यधिक प्रेरणादायक है। इससे यह बहुत बड़ा संदेश मिलता है कि गुणवत्तापूर्ण शोध को नवाचार के साथ मजबूती से जोड़कर उपयोगी बौद्धिक संपदा के रूप में कैसे विकसित किया जा सकता है।

गणित विभाग में विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के कुशल मार्गदर्शन में गणित विभाग द्वारा एम.एससी. गणित प्रथम वर्ष के सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए एक भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बिल्कुल प्रारंभ में डॉ. विकास पोपली ने सभी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, क्रेडिट प्रणाली, समय-सारणी, परीक्षा एवं मिड-टर्म परीक्षा प्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने उपस्थिति संबंधी नियमों तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रावधानों की भी पूरी जानकारी दी।

विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनुपम खन्ना ने सभी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए एक बहुत महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि सभी अधिकार एवं स्वतंत्रता हमेशा जिम्मेदारी के साथ ही आती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर में प्राप्त स्वतंत्रता का हमेशा सदुपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने सभी कर्तव्यों तथा जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने का गहरा संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को घर से दूर रहने के कारण उत्पन्न होने वाली सभी भावनात्मक कठिनाइयों से सकारात्मक सोच के साथ उबरने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नए वातावरण को बहुत ही सहजता से अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल कक्षा और परीक्षाओं तक ही बिल्कुल सीमित नहीं होता है। इसके विपरीत, विभागीय, शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाना ही व्यक्तित्व विकास का सबसे महत्वपूर्ण मुख्य आधार होता है।

विभाग की अन्य सुविधाओं और गतिविधियों की जानकारी

डॉ. सुरेंद्र सिंह ने सभी विद्यार्थियों को विभागीय गतिविधियों तथा छात्र-केंद्रित व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी दी। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य एवं परामर्श सुविधाओं, कक्षा प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका और द्वितीय सेमेस्टर के अंत में होने वाले इंटर्नशिप कार्यक्रम के बारे में बताया। उन्होंने ‘गणित परिषद’ की सभी गतिविधियों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की।

सरोज देवी ने विभागीय पुस्तकालय की सभी उपलब्ध सुविधाओं की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पुस्तकालय में लगभग 6,000 से अधिक पुस्तकें तथा 7,000 से अधिक जर्नल एवं अन्य आवश्यक पठन सामग्री बहुत आसानी से उपलब्ध है।

इस पूरे कार्यक्रम का बहुत ही सुंदर संचालन संकाय की कुशल सदस्य शालिनी द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में डॉ. ज्योति, रेणुका, जयपाल सैनी, संदीप, गजे सिंह, मनीषा, अमनप्रीत, राकेश सहित विभाग के अन्य सभी सम्मानित संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण ओरिएंटेशन कार्यक्रम में कुल 100 से अधिक विद्यार्थियों ने बहुत ही उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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