कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में गणित की भूमिका और गुरु रविदास की शिक्षाओं पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विश्वविद्यालय में दो अलग-अलग महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी सामने आई है। मस्तिष्क की जटिलताओं को समझने में गणित की भूमिका अहम विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज (आईआईएचएस) के गणित विभाग द्वारा “मस्तिष्क की आवृत्ति का रहस्य: तंत्रिका दोलनों से चेतना तक” विषय पर विशेष आमंत्रित विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया।
आईआईटी मंडी के विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में आईआईटी मंडी के इकशमा सेंटर की सैपियोटेक्ट्रॉनिक्स लैब के डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने मानव मस्तिष्क की जटिल कार्यप्रणाली, तंत्रिका दोलनों, विभिन्न मस्तिष्क तरंगों तथा चेतना के बीच संबंधों को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि मस्तिष्क में होने वाली तंत्रिका गतिविधियां विभिन्न आवृत्तियों और लयों के माध्यम से कार्य करती हैं, जो सूचना के प्रसंस्करण, तंत्रिका नेटवर्क के बीच समन्वय और संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
गणित और मस्तिष्क के संबंध पर प्रकाश डाला गया। डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने मस्तिष्क और गणित के गहरे संबंध पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि गणितीय मॉडलिंग, आवृत्ति विश्लेषण, गतिशील प्रणालियों और संगणकीय तकनीकों के माध्यम से मस्तिष्क जैसी जटिल प्राकृतिक प्रणाली को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को गणित के आधुनिक एवं अंतर्विषयक अनुप्रयोगों तथा इस क्षेत्र में अनुसंधान की व्यापक संभावनाओं से भी परिचित कराया।
प्राचार्या और शिक्षकों की उपस्थिति रही। आईआईएचएस की प्राचार्या डॉ. रीटा ने कहा कि ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच और अनुसंधान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सचिन यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. पूनम, डॉ. अभिलाषा, डॉ. सतपाल, डॉ. तन्नू, डॉ. सरिता एवं डॉ. संजीव सहित शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में गणित विभाग की ओर से डॉ. पुष्पेंद्र सिंह का आभार व्यक्त किया गया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में गुरु रविदास की शिक्षाओं पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 10 सितंबर को होगी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में गुरु रविदास चेयर, डॉ. बी.आर. अंबेडकर अध्ययन केंद्र द्वारा 10 सितंबर 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। संगोष्ठी का विषय “समकालीन समाज में संत शिरोमणि गुरु रविदास की शिक्षाओं का दर्शन और प्रासंगिकता” रखा गया है। यह संगोष्ठी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित होगी।
संगोष्ठी में विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। गुरु रविदास चेयर के निदेशक एवं समन्वयक डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि संगोष्ठी में गुरु रविदास के जीवन, दर्शन एवं सामाजिक चिंतन, भक्ति आंदोलन में उनके योगदान, समतामूलक समाज की अवधारणा, सामाजिक न्याय, जाति एवं सामाजिक पदानुक्रम की आलोचना, मानव गरिमा, समानता एवं बंधुत्व, बेगमपुर की अवधारणा तथा समकालीन समाज में उनके विचारों की प्रासंगिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही दलित चेतना, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, अंतरधार्मिक सद्भाव, संवैधानिक मूल्यों तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर और गुरु रविदास के सामाजिक न्याय संबंधी विचारों पर भी शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि संगोष्ठी में शिक्षक, शोधकर्ता, शोधार्थी, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य विद्वान अपने मौलिक शोधपत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।