कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने 14 कंपनियों के साथ किए महत्वपूर्ण समझौते, विद्यार्थियों को मिलेंगे रोजगार के अवसर

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने 14 कंपनियों के साथ किए महत्वपूर्ण समझौते, विद्यार्थियों को मिलेंगे रोजगार के अवसर

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उद्योग जगत का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने 14 प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम एवं इंटर्नशिप के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (नॉर्दर्न रीजन), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, कानपुर के माध्यम से किए गए हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के केयू सेंटर फॉर ट्रेनिंग, इंटर्नशिप एंड एम्प्लॉयमेंट द्वारा आयोजित एमओयू हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने की। इस अवसर पर बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (नॉर्दर्न रीजन) के अधिकारियों तथा विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय के साथ शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में समझौते किए।

उद्यमिता ही नई शिक्षा का भविष्य व आधार

इस अवसर पर प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि उद्यमिता ही नई शिक्षा का भविष्य व आधार है। आज के बदलते समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना और नौकरी हासिल करना नहीं रह गया है, बल्कि विद्यार्थियों को नए विचारों, नवाचार, रचनात्मक सोच और आत्मनिर्भरता के लिए तैयार करना भी आवश्यक है। उद्यमिता शिक्षा विद्यार्थियों में समस्याओं को पहचानने, उनके समाधान खोजने और अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने की क्षमता विकसित करती है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, जोखिम लेने का साहस और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि उद्यमिता केवल शिक्षा का एक हिस्सा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में नई शिक्षा का भविष्य है।

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अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम के लाभ

कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अपने अकादमिक ज्ञान को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के साथ जोड़ सकेंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और उद्योग जगत के बीच इस प्रकार का सहयोग शिक्षा से रोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विद्यार्थियों को कंपनियों की कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक, उद्योग की अपेक्षाओं और कार्य संस्कृति को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। इससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी इन प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ सहयोग से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपने अध्ययन क्षेत्र के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध होंगे।

समझौता करने वाली प्रमुख कंपनियां

समझौता करने वाली प्रमुख कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, एगिलस डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड, पार्क ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स और पाथकाइंड डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी एलएलपी, ह्यूबर-सुहनर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड तथा टाटा 1एमजी, एलेंजर्स मेडिकल सिस्टम्स लिमिटेड, लाल पैथ, किंग्स मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, येस जर्मनी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड, स्टेर्म्ज हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, स्टेम्ज रेडियोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड तथा अल्फा थर्म लिमिटेड भी इस समझौते में शामिल हैं।

विभागों की उपलब्धियां और भविष्य की संभावनाएं

इस अवसर पर डॉ. जसविंदर सिंह, प्रो. मंजूला चौधरी, प्रो. मोहिंदर चंद, प्रो. सुभाष चंद, प्रो. जसबीर ढांडा, प्रो. अनिता दुआ, प्रो. रीटा दलाल तथा डॉ. महेन्द्र सिंह ने अपने विभागों की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने कहा कि एंटरप्रेन्योर के माध्यम से ही भविष्य में विद्यार्थियों के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के साथ किए जा रहे ये समझौते विश्वविद्यालय और कॉरपोरेट एवं व्यावसायिक क्षेत्र के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेंगे। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर दे रहा है। इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, प्रो. जसबीर ढांडा, प्रो. सुभाष चंद, प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, प्रो. मोहिंदर चंद, प्राचार्या प्रो. रीटा, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, प्रो. अनिता दुआ, प्रो. अश्विनी कुमार, कम्पनी प्रतिनिधि रोहित ग्रोवर व पवन मौजूद थे।

कुवि के एईडीपी कार्यक्रम अंतर्गत संचालित उद्योगोन्मुखी पाठ्यक्रम

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में एईडीपी के अंतर्गत वर्तमान में 11 उद्योगों मुखी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें कुल 490 सीटें निर्धारित हैं। इनमें चार पाठ्यक्रम सत्र 2025-28 तथा सात पाठ्यक्रम सत्र 2026-29 के लिए संचालित किए जा रहे हैं। एईडीपी कार्यक्रम की सूची में बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) इंडस्ट्री लिंक्ड, बी.कॉम. (बैचलर ऑफ कॉमर्स) (प्रोफेशनल), बैचलर ऑफ वोकेशन इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, बीएमएस (बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज) (इवेंट मैनेजमेंट), बैचलर ऑफ साइंस (सेमीकंडक्टर्स इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंफॉर्मेशन), बैचलर ऑफ साइंस रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन, बैचलर ऑफ आर्ट्स - बिजनेस एवं इकोनॉमिक एनालिटिक्स, बैचलर ऑफ साइंस - जियोलॉजी प्रोफेशनल, बी.वोक. - इंडस्ट्रियल बायोकेमिस्ट्री, बैचलर ऑफ वोकेशन इन एनवायरनमेंटल साइंस एवं सस्टेनेबिलिटी और बैचलर ऑफ साइंस - डेटा साइंस जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।

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