कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चार स्टार्टअप्स के साथ हुआ त्रिपक्षीय समझौता, नवाचार और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में मंगलवार को कमेटी रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुटिक, संबंधित चार स्टार्टअप्स तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय रूसा परियोजना सोसायटी के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू से विश्वविद्यालय में नवाचार और उद्यमिता को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस अवसर पर कहा कि नवाचार और उद्यमिता युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के बहुत ही महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विश्वविद्यालय युवाओं को केवल रोजगार प्राप्त करने के लिए ही नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने के लिए भी लगातार प्रेरित कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का नया स्टार्टअप शुरू करने से पहले मार्केट टेस्ट और रिसर्च करना बेहद जरूरी होता है। सभी उद्यमियों को अपनी आर्थिक स्थिति का सही आकलन करने के बाद ही बैंक से ऋण लेना चाहिए ताकि समय पर उसकी अदायगी को पूरी तरह से सुनिश्चित किया जा सके।
प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने आगे कहा कि उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मन में दृढ़ संकल्प होना सबसे ज्यादा आवश्यक है। जिस भी क्षेत्र में नया स्टार्टअप शुरू करना हो, उस क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को अच्छी तरह समझकर व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ गहन रिसर्च करनी चाहिए। चाहे खाद्य क्षेत्र हो जहां प्रिजर्वेटिव्स की जानकारी होना जरूरी है, या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसा तकनीकी क्षेत्र हो, सफलता पाने के लिए संबंधित क्षेत्र का गहन ज्ञान और उसकी व्यावहारिक समझ होना बहुत आवश्यक है। तभी हम एक सफल एंटरप्रेन्योर बन सकते हैं और देश के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं।
कुलगुरु ने यह पूरा विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी नए स्टार्टअप्स आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण में अपना बहुत महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस विशेष अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा द्वारा यूआईईटी के छात्र अभि, ईशान और आशीष को सिंकअप स्टार्टअप में अपनी इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर आधिकारिक तौर पर इंटर्नशिप प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। रूसा के नोडल आफिसर प्रो. संजीव अग्रवाल ने कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय में नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देगी। इसके माध्यम से युवाओं को अपने नए विचारों को एक सफल उद्यम में परिवर्तित करने के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे।
कुटिक समन्वयक लेफ्टिनेंट डॉ. अजय जांगड़ा ने सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने जानकारी दी कि यह केंद्र नवाचार आधारित विचारों को व्यावसायिक रूप देने के लिए विशेषज्ञ परामर्श, कार्यस्थल, अनुसंधान एवं नमूना निर्माण प्रयोगशालाओं की सुविधा तथा बीज पूंजी जैसी तमाम सहायता उपलब्ध करा रहा है। वर्तमान में जो नव-समाविष्ट स्टार्टअप्स शामिल हैं उनमें सिंककैम्प प्राईवेट लिमिटेड शामिल है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आधारित अर्का मंच के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत करियर मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। इसके अलावा लोब्रा हनसेतु प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित औद्योगिक व्यवसाय-से-व्यवसाय यानी बीटूबी मंच विकसित कर रही है। सेफफ्रीज़ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के लिए ब्लॉकचेन आधारित भुगतान और एस्क्रो मंच पर पूरी मेहनत से कार्य कर रही है। वहीं ईआरएलबी यानी ईट Right, लिव ब्राइट प्राइवेट लिमिटेड स्वास्थ्यवर्धक, स्वच्छ और किफायती खाद्य उत्पादों के विकास तथा कृषि संसाधनों के मूल्यवर्धन पर पूरी तरह से केंद्रित है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. विशाल अहलावत ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, डॉ. प्रदीप कुमार, प्लेसमेंट आफिसर डॉ. महेन्द्र सिंह, लोक सम्पर्क विभाग की उप-निदेशिका डॉ. जिम्मी शर्मा, डॉ. विनीता भांकर, डॉ. प्रियंका जांगडा, डॉ. सोहन लाल और मनोज कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।