कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता के प्रथम विजेता को मिलेगा 5100 रुपये का पुरस्कार

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता के प्रथम विजेता को मिलेगा 5100 रुपये का पुरस्कार

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में हिंदी दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इन आयोजनों में राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता, इंडक्शन ट्रेनिंग कार्यक्रम और 'बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की विदेश नीति' विषय पर विशिष्ट व्याख्यान शामिल रहे।

  • राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता 14 सितंबर 2026 को सीनेट हॉल में आयोजित होगी।
  • प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार 5100 रुपये, द्वितीय 3100 रुपये और तृतीय 2100 रुपये होगा।
  • आईटीटीआर में 7 से 11 सितंबर 2026 तक इंडक्शन ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया।
  • कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय राजनीति शास्त्र विभाग एवं कुका द्वारा विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में हिंदी विभाग एवं युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 14 सितंबर, 2026 को प्रातः 10 बजे राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन सीनेट हॉल में किया जाएगा। प्रतियोगिता में विभिन्न संस्थानों एवं विभागों से विद्यार्थी प्रतिभागी हिंदी और देशभक्ति पर आधारित कविताओं का प्रभावशाली कविता-पाठ प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के संयोजक युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला होंगे, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया द्वारा निभाई जा रही है। युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं भावनात्मक विरासत की सशक्त अभिव्यक्ति है। हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता विद्यार्थियों को हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति, काव्य प्रतिभा और मंचीय कौशल को निखारने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 5100 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 3100 रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 2100 रुपये प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन के लिए 1100 रुपये के पांच सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

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प्रतियोगिता के लिए निर्धारित नियम

प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रत्येक संस्थान अथवा विभाग से अधिकतम दो विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत कविता का विषय हिंदी एवं देशभक्ति पर आधारित होना अनिवार्य होगा। प्रत्येक प्रतिभागी को कविता-पाठ के लिए न्यूनतम चार तथा अधिकतम छह मिनट का समय दिया जाएगा। कविता-पाठ के दौरान पुस्तक अथवा किसी अन्य पाठ्य-सामग्री को देखकर वाचन करने की अनुमति नहीं होगी। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का मूल्यांकन कविता की विषय-वस्तु, काव्य प्रस्तुति, भाषा-शैली, उच्चारण, भावाभिव्यक्ति एवं मंचीय प्रस्तुति सहित विभिन्न मानदंडों के आधार पर किया जाएगा। निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।

आईटीटीआर में इंडक्शन ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईटीटीआर) में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं संस्थागत अभिमुखीकरण के उद्देश्य से 7 से 11 सितंबर 2026 तक इंडक्शन ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, समय-सारणी, उपस्थिति, सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों, मूक्स एवं ऑनलाइन पाठ्यक्रमों सहित विभिन्न शैक्षणिक अवसरों की जानकारी दी गई। संस्थान की प्राचार्या प्रो. अनीता दुआ ने कहा कि विद्यार्थी इंटर्नशिप एवं फील्ड वर्क के दौरान अनुशासन, समयबद्धता, जिम्मेदारी और व्यावसायिक आचरण को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं। प्रो. अमीषा सिंह ने विद्यार्थियों से संस्थान के नियमों का पालन करते हुए शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में सक्रिय एवं रचनात्मक सहभागिता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक कौशल का समग्र विकास कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यूथ रेड Cross, खेल गतिविधियों, एंटी-रैगिंग नियमों, विषय संयोजन, स्कूल इंटर्नशिप प्रोग्राम, फील्ड वर्क, पुस्तकालय, छात्रावास तथा पहचान-पत्र के उपयोग संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की भूमिका, शिकायत निवारण प्रक्रिया तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न नियमों एवं दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे।

बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की विदेश नीति पर व्याख्यान

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में राजनीति शास्त्र विभाग एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूर्व छात्र संघ (कुका) के संयुक्त तत्वाधान में “बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की विदेश नीति” विषय पर विशिष्ट व्याख्यान आयोजित किया गया। प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. आर. एस. यादव ने भारतीय विदेश नीति के ऐतिहासिक विकास, समकालीन आयामों एवं उभरती चुनौतियों पर विचार व्यक्त किए। प्रो. यादव ने कहा कि विदेश नीति राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और वैश्विक शक्ति-संरचना के अंतर्संबंधों से प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि 2014 के पश्चात भारत की विदेश नीति अधिक सक्रिय एवं बहुआयामी हुई है। पड़ोसी प्रथम नीति, पूर्व की ओर सक्रिय नीति और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण ने भारत के क्षेत्रीय एवं वैश्विक जुड़ाव को नया आयाम दिया है। भारत-अमेरिका संबंधों के साथ ब्रिक्स, रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय मंच तथा शंघाई सहयोग संगठन के माध्यम से रणनीतिक संतुलन पर भी बल दिया गया। प्रो. यादव ने वर्तमान समय में सॉफ्ट पावर, प्रवासी कूटनीति और व्यक्तिगत कूटनीति के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने पड़ोसी संबंधों, चीन पर आपूर्ति-श्रृंखला निर्भरता, गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों तथा कुशल मानव संसाधन की कमी को प्रमुख चुनौतियाँ बताया। उन्होंने शोध एवं विकास, कौशल निर्माण और समानता के साथ विकास पर बल देते हुए स्मार्ट शक्ति के प्रभावी प्रयोग को आवश्यक बताया। व्याख्यान के पश्चात उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके समकालीन विषयों से जुड़े प्रश्नों का उत्तर दिया। कार्यक्रम में महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय से डॉ. प्रदीप कुमार, विभागाध्यक्ष डॉ. विकास सभरवाल, डॉ. वैशाली जैन, डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता, डॉ. नवप्रीत कौर एवं डॉ जय किशन भारद्वाज तथा शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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