कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में जीता उपविजेता का स्थान और अन्य अपडेट्स

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न विभागों और संस्थानों की ओर से कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गई हैं। इन गतिविधियों में विधि संस्थान के विद्यार्थियों की राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि, बी.एड. विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यशाला, नए निदेशक की नियुक्ति और एनईपी ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सातवां दिन शामिल है। इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है।
राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विधि संस्थान के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ के विद्यार्थियों ने सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय, जगतपुरा, जयपुर द्वारा आयोजित प्रथम राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता एसजीवीयू रांका न्यायसंवाद में शानदार प्रदर्शन किया है। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उपविजेता यानी रनरअप का स्थान हासिल किया है। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 21 से 24 अगस्त तक आयोजित की गई थी। इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ के सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों सिद्धि शर्मा, इशिका गोयल एवं कर्मण्या ने इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए सिद्धि शर्मा को सभी प्रतिभागी टीमों में बेस्ट मूटर के प्रतिष्ठित पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। विद्यार्थियों को उनके इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए माननीय न्यायमूर्ति विजय कुमार व्यास, जो राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं, तथा माननीय न्यायमूर्ति अतुल कुमार जैन, जो राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं, द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। इस उपलब्धि पर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ के निदेशक प्रोफेसर डॉ. अमित लूदरी ने विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत, लगन, तर्कशक्ति और विधिक ज्ञान ने संस्थान को गौरवान्वित किया है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है।
बी.एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
कौशल विकास विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान यानी आईटीटीआर तथा नांदी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में बी.एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए सात दिवसीय रोजगार योग्य कौशल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 25 अगस्त से 3 सितंबर तक आयोजित की जा रही है। संस्थान की प्राचार्या प्रो. अनीता दुआ ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विषयगत ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं व्यावसायिक कौशल का विकास भी आवश्यक है। रोजगार योग्य कौशल प्रशिक्षण विद्यार्थियों को कार्यस्थल की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि संचार कौशल, समय प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास, समस्या-समाधान, आत्म-जागरूकता और साक्षात्कार कौशल विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनके रोजगार के अवसरों को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, अंग्रेजी भाषा, समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, ई-मेल लेखन, व्यावसायिक संवाद, धन प्रबंधन, व्यावसायिक नैतिकता, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान, जॉब रेडीनेस तथा साक्षात्कार कौशल पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षक विनीत मेहता और नैन्सी मदान ने विद्यार्थियों को इंग्लिश लैंग्वेज फॉर कॅरियर के अंतर्गत प्रभावी संचार, शब्दावली, व्याकरण, उच्चारण एवं संवाद कौशल का प्रशिक्षण दिया है। विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से दैनिक सीख पर आत्मचिंतन का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. ममता चावला रहीं। इस अवसर पर प्रो. अमीषा सिंह, डॉ. रीटा, डॉ. रोहिणी, डॉ. दिग्विजय सिंह, डॉ. अंग्रेज सिंह, डॉ. पूजा सैनी, डॉ. मनप्रीत कौर, द्विज गुगनानी, रीना यादव, कँवलप्रीत कौर सहित कई शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे।
डॉ. धर्मवीर बने कुवि एमजीएआईएस कोचिंग संस्थान के नए निदेशक
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. धर्मवीर को महात्मा गांधी अखिल भारतीय सेवा कोचिंग संस्थान यानी एमजीएआईएस कोचिंग संस्थान के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से एक वर्ष की अवधि अथवा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगी। डॉ. धर्मवीर अपने विभागीय दायित्वों के साथ-साथ संस्थान के निदेशक का दायित्व भी संभालेंगे। यह जानकारी लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने दी है। डॉ. धर्मवीर ने इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उन पर जताया गया विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे अपने नए दायित्व का पूरी निष्ठा, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करेंगे तथा विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रभावी प्रयास करेंगे।
ज्ञान के साथ मानवीय मूल्यों का विकास जरूरी है: प्रो. ए.आर. चौधरी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला द्वारा यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के सहयोग से आयोजित 36वें आठ-दिवसीय ऑनलाइन एनईपी ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सातवां दिन सम्पन्न हो गया है। इस सातवें दिन उच्च शिक्षा एवं समाज विषय पर सार्थक विमर्श हुआ है। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. ज्योति सौरौत ने विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता और कुवि के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व और नागरिक चेतना का विकास करते हुए उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को समाज की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर स्वयं को विकसित करना चाहिए। विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सरोकार, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का विकास करना आज के समय की आवश्यकता है। डॉ. जोगिंदर सकलानी, जो हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से हैं, उन्होंने उच्च शिक्षा की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से सामाजिक समस्याओं के समाधान और समावेशी समाज के निर्माण पर बल दिया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित ने उच्च शिक्षा को सामाजिक आवश्यकताओं, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की आवश्यकता बताई है। इस कार्यक्रम में लगभग 60 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया है।