कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो. के.आर. अनेजा ने खाद्य माइकोलॉजी में हासिल की विश्व स्तर पर आठवीं रैंक

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं वनस्पति विज्ञान तथा सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के पूर्व संकाय सदस्य प्रो. के.आर. अनेजा ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवीनतम एडी साइंटिफिक इंडेक्स रैंकिंग में उन्होंने खाद्य माइकोलॉजी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर आठवीं रैंक हासिल की है। उन्हें सभी विषयों के वैज्ञानिकों में विश्व के शीर्ष 5.5 प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान मिला है। वह कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रथम रैंक वाले संकाय सदस्य बन गए हैं।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने प्रो. अनेजा को बधाई दी है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि यह उपलब्धि उनके दशकों के समर्पण और शोध के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह उपलब्धि सूक्ष्मजीव विज्ञान एवं माइकोलॉजी के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है। इस प्रकार की उपलब्धियां हमारे वर्तमान संकाय सदस्यों और युवा शोधकर्ताओं को प्रेरित करती हैं। यह वैश्विक वैज्ञानिक मानचित्र पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की उपस्थिति को भी सुदृढ़ करती हैं।
मीडिया संस्थान के विद्यार्थियों ने किया पैक प्लस एग्जीबिशन-2026 का शैक्षणिक दौरा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में एक शैक्षणिक दौरा आयोजित किया गया। इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी के प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग कोर्स के विद्यार्थियों ने नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान का दौरा किया। विद्यार्थियों ने वहां आयोजित प्रतिष्ठित पैक प्लस एग्जीबिशन-2026 में हिस्सा लिया। इस दौरान 31 विद्यार्थियों के दल ने अत्याधुनिक प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। इस दल का नेतृत्व प्राध्यापक अमित जांगड़ा एवं राकेश कुमार ने किया।
विद्यार्थियों ने देखी आधुनिक प्रिंटिंग और पैकेजिंग की मशीनें
दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार की आधुनिक प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग मशीनों को प्रत्यक्ष देखा। विद्यार्थियों ने इन मशीनों की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा। विद्यार्थियों ने उद्योग जगत के विशेषज्ञों से संवाद किया। उन्होंने पैकेजिंग डिजाइनिंग, ऑटोमेटेड मशीनरी और पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग सामग्री से जुड़ी नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
व्यावहारिक अनुभव से विकसित होती है उद्योगपरक दक्षता
इस अवसर पर संस्थान की निदेशिका प्रो. बिंदु शर्मा ने अपने विचार रखे। निदेशिका प्रो. बिंदु शर्मा ने कहा कि आज के दौर में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। ऐसे शैक्षणिक दौरे विद्यार्थियों के तकनीकी एवं व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उद्योग में उपयोग होने वाली आधुनिक मशीनों एवं तकनीकों को प्रत्यक्ष देखने से विद्यार्थियों में पेशेवर दक्षता विकसित होती है। इससे विद्यार्थियों में उद्योग की आवश्यकताओं को समझने की क्षमता भी विकसित होती है। संस्थान विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसे व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
विद्यार्थियों के लिए करियर की दृष्टि से उपयोगी रहा दौरा
दल का नेतृत्व कर रहे प्राध्यापक अमित जांगड़ा एवं राकेश कुमार ने विशेष जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग उद्योग में हो रहे नवीन तकनीकी बदलावों को करीब से समझने का अवसर मिला है। विद्यार्थियों ने इस शैक्षणिक दौरे को अपने करियर की दृष्टि से बेहद उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया है।